Bhabanipur: ममता बनर्जी साल 2011 से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं और तब से भवानीपुर सीट उनकी मजबूत सीट मानी जाती है। 2021 में उन्होंने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था, लेकिन वहां उन्हें बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भवानीपुर से उपचुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर फिर से विधानसभा पहुंचीं।
इस बार फिर मुकाबला दिलचस्प हो गया है, क्योंकि शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को सीधी चुनौती दे रहे हैं। खास बात यह है कि शुभेंदु इस बार भवानीपुर के साथ-साथ नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ रहे हैं।
शुरुआती रुझानों में कड़ी टक्कर
चुनाव के शुरुआती रुझानों में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी कभी आगे तो कभी पीछे होती नजर आईं। लेकिन अब वह आठ हजार से ज्यादा वोटों से आगे चल रही हैं। दूसरी तरफ नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी करीब सात हजार वोटों से बढ़त बनाए हुए हैं।
पिछले चुनाव में नंदीग्राम में जीत का अंतर बहुत कम था। शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को महज 1956 वोटों से हराया था। यही वजह है कि इस बार भी यहां मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है।
मतदान और बदलते समीकरण
नंदीग्राम में 23 अप्रैल को पहले चरण में मतदान हुआ था, जबकि भवानीपुर में 29 अप्रैल को दूसरे चरण में वोट डाले गए। अब जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे तस्वीर साफ होती जा रही है।पूरे पश्चिम बंगाल की बात करें, तो शुरुआती रुझानों में बीजेपी बढ़त बनाती दिख रही है, जबकि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पीछे नजर आ रही है। अगर बीजेपी को जीत मिलती है, तो यह राज्य में उसकी पहली सरकार होगी।
बीजेपी नेताओं के दावे और बयान
शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि इस बार बीजेपी सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम वोट पूरी तरह एक तरफ नहीं गया है, जिससे चुनावी नतीजों पर असर पड़ा है। उनका कहना है कि भवानीपुर में शुरुआत में कड़ी टक्कर रहेगी, लेकिन आगे चलकर वह बढ़त बना सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कई इलाकों में वोटों का बंटवारा हुआ है, जो बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार के खिलाफ माहौल है और हिंदू वोट बीजेपी के पक्ष में एकजुट हुए हैं।
अन्य सीटों पर भी बीजेपी की बढ़त
खड़गपुर सदर सीट से बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष आगे चल रहे हैं। उन्होंने टीएमसी उम्मीदवार के खिलाफ छह हजार से ज्यादा वोटों की बढ़त बनाई है। दिलीप घोष का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने 2016 में पहली बार चुनाव जीता और बाद में पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं, कोलकाता की रासबिहारी सीट से बीजेपी उम्मीदवार सपन दासगुप्ता भी टीएमसी के खिलाफ पांच हजार से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं। पिछली बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार उनकी स्थिति मजबूत दिख रही है।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में भवानीपुर और नंदीग्राम की सीटें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर ने चुनाव को बेहद रोमांचक बना दिया है।
