Bengal Power Shift: पश्चिम बंगाल में चुनाव खत्म होने के बाद अब नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संविधान के मुताबिक किसी भी विधानसभा का कार्यकाल पांच साल का होता है। मौजूदा विधानसभा साल 2021 से 2026 तक के लिए चुनी गई थी। अब नई विधानसभा के गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुरानी विधानसभा को आधिकारिक तौर पर भंग कर दिया गया है।
इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अलग से इस्तीफा देने की जरूरत नहीं रही। पूरा फैसला संवैधानिक नियमों के अनुसार लिया गया है।
ममता बनर्जी ने हार मानने से किया इनकार
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों के बाद साफ कहा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हार जनता के फैसले से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है।
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी की लड़ाई बीजेपी से ज्यादा चुनाव आयोग से थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने बीजेपी के पक्ष में काम किया। ममता ने यह भी दावा किया कि करीब 100 सीटों पर जनादेश को प्रभावित किया गया और मतगणना की प्रक्रिया जानबूझकर धीमी की गई।
“मैं संघर्ष करती रहूंगी”
चुनाव में हार के बाद भी ममता बनर्जी ने संघर्ष जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि अब वह राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने पर ध्यान देंगी। ममता ने बताया कि इंडिया गठबंधन के कई नेताओं ने उन्हें फोन कर समर्थन और एकजुटता जताई है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी उनसे बातचीत की। ममता ने भावुक अंदाज में कहा कि अब वह एक आम इंसान की तरह लोगों के बीच रहेंगी और सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ेंगी।
बीजेपी की पहली सरकार का शपथ ग्रहण
पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार बनाने जा रही है। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इस बड़े कार्यक्रम की तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा बीजेपी शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, करीब 4,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही कई स्तरों पर सुरक्षा जांच भी की जाएगी, ताकि समारोह शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके।
बंगाल की राजनीति में नया दौर
राज्य में लंबे समय बाद सत्ता परिवर्तन होने जा रहा है। ऐसे में बंगाल की राजनीति एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। जहां बीजेपी इसे ऐतिहासिक जीत बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस चुनाव नतीजों पर सवाल खड़े कर रही है। आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और भी गरमा सकती है।
