Election Commission of India ने चुनाव से पहले ईवीएम की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई भी व्यक्ति वोटिंग मशीन के बटन पर इत्र, गोंद, टेप या कोई भी रसायन लगाता है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्यों उठाना पड़ा यह कदम
पिछले कुछ समय से ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं कि कुछ लोग यह जांचने के लिए कि उनका वोट सही जगह गया है या नहीं, ईवीएम के बटन पर इत्र या गोंद लगा देते हैं। इससे मशीन के साथ छेड़छाड़ की आशंका बढ़ जाती है। इसी को रोकने के लिए आयोग ने यह सख्त निर्देश जारी किए हैं।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
आयोग ने मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारियों को भी खास निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि वे समय-समय पर बैलेट यूनिट की जांच करते रहें। अगर किसी बटन पर स्याही, रंग या कोई भी संदिग्ध चीज मिलती है, तो तुरंत कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर उस बूथ पर मतदान रद्द कर दोबारा वोटिंग कराई जा सकती है।
कानूनी कार्रवाई भी होगी
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईवीएम से छेड़छाड़ करना चुनावी कानून के तहत बड़ा अपराध है। ऐसा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बंगाल में पहले चरण का मतदान
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव के लिए प्रचार खत्म हो चुका है। यहां 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होना है। करीब 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं और लगभग 3.60 करोड़ मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव को लेकर सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
तमिलनाडु में भी जोरदार प्रचार
तमिलनाडु में भी चुनाव से पहले माहौल काफी गरम रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राहुल गांधी जैसे बड़े नेताओं ने रैलियां और रोड शो किए। राज्य में सत्ताधारी डीएमके और विपक्षी एआईएडीएमके के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
निष्पक्ष चुनाव पर जोर
चुनाव आयोग का यह कदम साफ दिखाता है कि वह निष्पक्ष और सुरक्षित चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। मतदाताओं से भी अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी तरह की गड़बड़ी से दूर रहें।
