Bihar Cabinet Decision:बिहार में अब राज्य की बड़ी सड़कों, अहम पुलों और प्रमुख रास्तों पर टोल टैक्स लिया जाएगा। इसके लिए सरकार बिहार सड़क उपयोगकर्ता शुल्क नियम 2026 लागू करने जा रही है। माना जा रहा है कि अगले एक महीने में इस नियम को मंजूरी मिल जाएगी।
नियम लागू होने के तीन महीने के अंदर एजेंसी तय कर टोल वसूली शुरू कर दी जाएगी। इससे मिलने वाली रकम सरकार के खाते में जाएगी और सड़कों की मरम्मत व देखभाल में इस्तेमाल होगी। यह फैसला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
सड़कों की निगरानी करेगी एआई तकनीक
कैबिनेट बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि बिहार की करीब 19 हजार किलोमीटर से ज्यादा सड़कों की देखभाल अब एआई तकनीक की मदद से की जाएगी। इसके लिए सरकार ने 15,967 करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी दी है।
सड़कों की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत कंट्रोल और कमांड सेंटर बनाया जाएगा। यहां से एआई और मशीन लर्निंग की मदद से सड़कों की हालत पर नजर रखी जाएगी। इससे समय रहते सड़क की खराबी का पता चल सकेगा और जल्दी मरम्मत हो पाएगी।
सात साल तक चलेगा यह बड़ा प्रोजेक्ट
सरकार इस योजना को सात साल में पूरा करेगी। पूरे काम को 100 पैकेज में बांटा गया है, ताकि काम की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे। सरकार का कहना है कि इससे सड़कें ज्यादा सुरक्षित और बेहतर बनेंगी।
शहरों को बेहतर बनाने की तैयारी
बिहार सरकार ने शहरों के विकास के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। राज्य में बिहार अर्बन ट्रांसफार्मेशन प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। इसके लिए विश्व बैंक से करीब 4750 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाएगा। इस योजना के तहत शहरों में सड़क, जल निकासी और दूसरी जरूरी सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे शहरों में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए मौके भी बनेंगे।
400 नई इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी
राज्य में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए 400 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाने का फैसला भी लिया गया है। इनमें पटना को 150 बसें मिलेंगी, जबकि गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया को 50-50 बसें दी जाएंगी।
इन बसों से लोगों को आरामदायक और प्रदूषण रहित सफर मिलेगा। सरकार ने बसों के संचालन के लिए 517 करोड़ रुपये की कैश गैप सब्सिडी को भी मंजूरी दी है।
कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा आसान कर्ज
सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए आसान कर्ज की व्यवस्था भी शुरू करने का फैसला लिया है। अब वेतन या पेंशन के आधार पर बैंक से आसानी से लोन मिल सकेगा। इस योजना का मकसद लोगों को जरूरत के समय आर्थिक मदद देना है। सरकार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित रखी जाएगी।
अब एआई की पढ़ाई भी होगी
बिहार में अब विधायक, अधिकारी और सरकारी कर्मचारी भी एआई की ट्रेनिंग लेंगे। इसके लिए आईआईटी, सी-डैक और दूसरे संस्थानों की मदद ली जाएगी। सरकार ने बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन बनाने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य राज्य को एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ाना और सरकारी कामकाज को ज्यादा स्मार्ट और पारदर्शी बनाना है।
नगरपालिका चुनाव में घर बैठे वोट
नगरपालिका चुनाव 2026 में बुजुर्ग, दिव्यांग और बाहर रहने वाले लोग घर बैठे वोट डाल सकेंगे। इसके लिए ई-वोटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।
इस परियोजना को हैदराबाद की संस्था सी-डैक संभालेगी। सरकार का कहना है कि इससे मतदान प्रक्रिया आसान और सुरक्षित बनेगी।
