Weather Update:साल 2026 की शुरुआत दिल्लीवासियों के लिए एक बार फिर प्रदूषण और खराब मौसम की परेशानी के साथ हुई। नए साल की पहली सुबह से ही दिल्ली के आसमान में धुंध की मोटी चादर छाई रही। कई इलाकों में कोहरा भी देखने को मिला, जिससे दिल्ली और पूरे एनसीआर में विजिबिलिटी काफी कम हो गई। सड़कों पर चल रहे वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।
हवा फिर बनी जहरीली
धुंध और कोहरे के साथ-साथ दिल्ली की हवा भी बेहद खराब स्थिति में बनी हुई है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, सुबह 9 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 371 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। शहर के 29 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा ‘बेहद खराब’ और 7 स्टेशनों पर ‘गंभीर’ स्तर पर दर्ज की गई।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति अलग-अलग इलाकों में और भी चिंताजनक रही। सबसे खराब हालात सोनिया विहार में दर्ज किए गए, जहां AQI 420 तक पहुंच गया। इसके अलावा आनंद विहार में AQI 419 रिकॉर्ड किया गया। ये स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माने जाते हैं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए।
अगले छह दिन तक राहत की उम्मीद नहीं
एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम ने चेतावनी दी है कि आने वाले छह दिनों तक दिल्ली की हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में ही बनी रह सकती है। अधिकारियों के अनुसार, हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहने और वेंटिलेशन इंडेक्स कमजोर होने के कारण प्रदूषक वातावरण में ही फंसे हुए हैं। मंगलवार को AQI 388 दर्ज किया गया था, जो सोमवार के 401 से थोड़ा बेहतर जरूर रहा, लेकिन हालात अब भी चिंताजनक हैं।
मौसम का हाल और बारिश की संभावना
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सफदरजंग और अयानगर में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। नए साल के दिन आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, घनी धुंध पूरे दिन बने रहने की आशंका है।
2025 में भी सबसे प्रदूषित रही दिल्ली
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में भी दिल्ली एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर रहा। इसके बाद गाजियाबाद और नोएडा का स्थान रहा। रिपोर्ट में बताया गया कि अक्टूबर से दिसंबर के प्रदूषण सीजन में हालात पिछले साल से भी ज्यादा खराब रहे, जो आने वाले समय के लिए चिंता बढ़ाता है।










