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BJP New Team: अमित मालवीय की छुट्टी, स्मृति ईरानी-पीयूष गोयल की एंट्री जानिए नई रणनीति के बड़े सवालो के जवाब

BJP New Team

 BJP New Team:भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने 17 अगस्त को पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया। इसमें 65 नेताओं को जगह मिली है। 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 8 राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए हैं। कई पुराने चेहरों को दोबारा जिम्मेदारी मिली, जबकि कुछ चर्चित नेताओं की छुट्टी कर दी गई। नई टीम में संगठन के अनुभव और चुनावी जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई देती है।

मालवीय क्यों हटे?

अमित मालवीय को भाजपा के आईटी और सोशल मीडिया संगठन में लंबे समय से अहम जिम्मेदारी मिली हुई थी। अब उन्हें नई राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली है। उनकी जगह केमिस्ट्री के प्रोफेसर दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया और आईटी सेल की जिम्मेदारी दी गई है। इसे पार्टी की डिजिटल रणनीति में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि मालवीय को हटाने की कोई आधिकारिक वजह भाजपा ने सार्वजनिक रूप से नहीं बताई है।

ईरानी की वापसी

स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। करीब दो साल बाद संगठन में उनकी बड़ी वापसी हुई है। ईरानी अमेठी से राहुल गांधी को हराकर राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत पहचान बना चुकी हैं और मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रही हैं। उनकी नई जिम्मेदारी को उत्तर प्रदेश समेत चुनावी राजनीति में पार्टी के संगठन को मजबूत करने से जोड़कर देखा जा रहा है।

गोयल को बड़ी जिम्मेदारी

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। यह नियुक्ति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गोयल सरकार में बड़े आर्थिक और कारोबारी मुद्दों से जुड़े रहे हैं। उनके संगठन में आने से पार्टी के चुनावी प्रबंधन, संसाधन जुटाने और रणनीतिक कामकाज में अनुभव का इस्तेमाल होने की संभावना है। महाराष्ट्र जैसे महत्वपूर्ण राज्य से उनका प्रतिनिधित्व भी टीम के राजनीतिक संतुलन को मजबूत करता है।

छह सवालों में संकेत

नई टीम से जुड़े छह बड़े संकेत सामने आते हैं। पहला, भाजपा चुनावी राज्यों पर खास ध्यान दे रही है। दूसरा, उत्तर प्रदेश को आठ पदों के जरिए महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है। तीसरा, स्मृति ईरानी और राम माधव जैसे पुराने प्रभावशाली नेताओं की वापसी हुई है। चौथा, डिजिटल मोर्चे पर नया नेतृत्व लाया गया है। पांचवां, तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली जैसे मुस्लिम चेहरों को जिम्मेदारी देकर सामाजिक प्रतिनिधित्व का संदेश दिया गया है। छठा, टीम में अलग-अलग पेशेवर पृष्ठभूमि वाले नेताओं को भी शामिल किया गया है।

चुनावी तैयारी का संकेत

नई टीम में 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रतिनिधित्व मिला है। 18 सांसदों को भी संगठन में जगह दी गई है। टीम में पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री, प्रोफेसर, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट और वकील जैसे पेशेवर शामिल हैं। ऐसे में यह बदलाव सिर्फ पदों की अदला-बदली नहीं, बल्कि संगठन को आने वाले चुनावों के हिसाब से अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।

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