Dharmendra Pradhan Resign: शिक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए भेजा इस्तीफा, छात्रों को संबोधित कर लिखी लंबी पोस्ट

NEET-UG परीक्षा विवाद और छात्रों के लगातार विरोध के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा भेज दिया। उन्होंने छात्रों के भविष्य, देश की एकता और कानूनी उलझनों से बचने को फैसला बताया।

Resignation Sent: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने शनिवार को युवाओं को संबोधित करते हुए बताया कि अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। पिछले 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों का आंदोलन चल रहा था। इस प्रदर्शन में छात्रों की प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी। विपक्षी दलों की ओर से भी इस मांग को लगातार समर्थन दिए जाने का दावा किया गया।

छात्रों की मांग

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने NEET-UG विवाद की जिम्मेदारी पहले ही दिन से स्वीकार की थी और इस पूरे मामले से कभी पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे उन्हें काफी दुख हुआ। प्रधान के मुताबिक, जंतर-मंतर और देश में बने मौजूदा माहौल का कोई राष्ट्रविरोधी ताकत फायदा न उठा सके, यही उनकी चिंता है। साथ ही वह नहीं चाहते कि देश के किसी भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में फंस जाए।

NEET विवाद

अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंप दी थी। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा को सुचारू रूप से कराना थी।

दोबारा परीक्षा

प्रधान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ जिला प्रशासन ने मिलकर परीक्षा को सफल बनाने के लिए काम किया। छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को परीक्षा पूरी कराई गई। उन्होंने दावा किया कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणाम संतोषजनक रहे और गरीब परिवारों से आने वाले कई प्रतिभाशाली छात्रों को भी सफलता मिली। उन्होंने दोहराया कि उनका संकल्प था कि परीक्षा माफिया की वजह से किसी भी मेधावी छात्र की संभावना प्रभावित न हो और किसी विद्यार्थी के साथ अन्याय न होने पाए।

युवाओं का भविष्य

अपने इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की वास्तविक ताकत है। उन्होंने युवाओं को भारत के भविष्य के साथ-साथ विकसित भारत के निर्माण का वाहक और शिल्पकार बताया। प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों में जंतर-मंतर पर जिस तरह की परिस्थितियां बनीं, उससे उनका मन बेहद दुखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि वह चाहते हैं कि छात्र किसी भ्रम या विवाद में फंसने के बजाय अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें।

प्रधानमंत्री का आभार

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे के पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों समेत उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया, जिनके साथ काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी वह भारत, ओडिशा और देश के युवाओं की आकांक्षाओं के लिए हर संभव तरीके से समर्पित रहेंगे। उन्होंने अपने पत्र का समापन भगवान श्रीजगन्नाथ के आशीर्वाद की कामना के साथ किया।

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