FIR Row: राहुल गांधी, अवधेश प्रसाद और पप्पू यादव पर FIR, डिंपल यादव ने क्या दिया रिप्लाई

संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी, अवधेश प्रसाद और पप्पू यादव समेत कई नेताओं पर FIR दर्ज हुई है। इस पर डिंपल यादव ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने और ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

FIR Controversy: संसद परिसर में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। वाराणसी के कोतवाली थाने में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव सहित कई नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला अभिनय और प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल FIR के आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है।

क्या है पूरा मामला

यह विवाद संसद परिसर में विपक्ष के उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें राम मंदिर के कथित चढ़ावा विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए गए थे। प्रदर्शन के दौरान एक सांकेतिक नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें दानपात्र और साधु के वेश का इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस प्रस्तुति से सनातन परंपरा और संत समाज की छवि को ठेस पहुंची। इसी आधार पर कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई और बाद में FIR दर्ज हुई।

डिंपल यादव का जवाब

FIR दर्ज होने के बाद समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए लगातार FIR और कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है। डिंपल यादव का कहना है कि सरकार असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है और विपक्ष को डराने की राजनीति की जा रही है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया देते हुए कार्रवाई को राजनीतिक बताया।

भाजपा और विपक्ष आमने-सामने

इस मामले पर भाजपा ने विपक्ष के प्रदर्शन को सनातन और संत समाज का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं विपक्ष का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार से जवाब मांगना था, किसी धर्म या आस्था का अपमान करना नहीं। इस पूरे विवाद ने संसद से लेकर सियासी गलियारों तक नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मामला और गरमा सकता है।

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