Rahul Meets Irfan: सीजेपी आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा में आए मोहम्मद इरफान इन दिनों फिर सुर्खियों में हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अचानक उनके घर पहुंचे, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक इस मुलाकात की चर्चा होने लगी। राहुल गांधी ने इरफान से काफी देर तक बातचीत की और मजदूरों के अधिकार, लोकतंत्र, संविधान और सम्मानजनक जीवन जैसे मुद्दों पर उनके विचार सुने। इस दौरान इरफान ने भी देश के मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों से जुड़े कई मुद्दे राहुल गांधी के सामने रखे।
प्रियंका गांधी की फोन कॉल
इस मुलाकात का सबसे दिलचस्प हिस्सा प्रियंका गांधी की फोन कॉल रही। दरअसल, राहुल गांधी ने अपनी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से फोन पर इरफान की बात कराई। इस दौरान प्रियंका ने मजाकिया अंदाज में इरफान से कहा कि वह राहुल गांधी को शादी के लिए मनाएं, क्योंकि राहुल उनकी बात नहीं सुनते। इरफान ने बाद में इस बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने प्रियंका से मजाक में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राहुल गांधी शादी नहीं करेंगे। इस मजेदार बातचीत ने मुलाकात को और खास बना दिया।
बिना स्कूल गए संविधान की समझ
35 वर्षीय मोहम्मद इरफान दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी में अपने पिता के साथ एक अधूरे मकान में रहते हैं। वह बर्फ बेचने और दिहाड़ी मजदूरी का काम करते हैं। इरफान कभी नियमित स्कूल नहीं गए और उन्हें पढ़ने-लिखने में भी परेशानी होती है। वह मोबाइल पर आसानी से टाइप भी नहीं कर पाते। इसके बावजूद लोकतंत्र, संविधान, श्रम कानून और मजदूरों के अधिकारों को लेकर उनकी समझ ने कई लोगों को प्रभावित किया है।
गूगल और यूट्यूब बना विश्वविद्यालय
इरफान के मुताबिक, उन्होंने खुद को शिक्षित करने के लिए मोबाइल के वॉयस सर्च फीचर का सहारा लिया। वह बोलकर इंटरनेट पर जानकारी खोजते हैं और यूट्यूब पर वीडियो सुनकर देश के कानून, संविधान, मजदूरों के अधिकार और सामाजिक मुद्दों को समझते हैं। वह मजाकिया अंदाज में कहते हैं कि उनका असली विश्वविद्यालय गूगल, यूट्यूब और इंटरनेट है। उनकी इसी सीखने की शैली और मुद्दों पर स्पष्ट समझ ने उन्हें सोशल मीडिया पर अलग पहचान दिलाई।
जंतर-मंतर से मिली पहचान
सीजेपी आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर दिए गए एक इंटरव्यू ने इरफान को रातों-रात सोशल मीडिया पर लोकप्रिय बना दिया था। उस बातचीत में उन्होंने लोकतंत्र में संवाद को बेहद जरूरी बताया था। उनका कहना था कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के रास्ते हमेशा खुले रहने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि सिर्फ पेट भरना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति की आय इतनी होनी चाहिए कि वह अपने बच्चों की पढ़ाई, इलाज और सम्मानजनक जीवन की जरूरतें पूरी कर सके।
मजदूरों की आवाज उठाने की अपील
राहुल गांधी जब इरफान की झुग्गी में पहुंचे, तो उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच मजदूरों के अधिकार, लोकतंत्र और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। इरफान ने राहुल गांधी से कहा कि उनकी कोई निजी मांग नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेता से अपील की कि वह देश के मजदूरों, दिहाड़ी कामगारों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की समस्याओं को संसद में लगातार उठाते रहें। राहुल गांधी ने इरफान और उनके परिवार को संसद आने का निमंत्रण भी दिया।
