BJP Former MP: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद रेबती त्रिपुरा ने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाते हुए अपने पुराने पेशे शिक्षण में वापसी कर ली है। स्कूल शिक्षक से सांसद और अब फिर शिक्षक बने रेबती त्रिपुरा का कहना है कि इस फैसले से उन्हें न केवल जीवन का नया उद्देश्य मिला है, बल्कि भविष्य की आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
शिक्षण से राजनीति तक का सफर
त्रिपुरा के धलाई जिले के निवासी रेबती त्रिपुरा ने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर करने के बाद वर्ष 2001 में अगरतला के महात्मा गांधी मेमोरियल स्कूल में शिक्षक के रूप में करियर शुरू किया था। वर्ष 2014 में वह भाजपा में शामिल हुए और 2019 के लोकसभा चुनाव में पूर्वी त्रिपुरा सीट से सांसद चुने गए।
राजनीतिक सक्रियता हुई कम
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उनकी जगह कृति देवी देबबर्मन को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद रेबती त्रिपुरा की राजनीतिक सक्रियता लगातार कम होती गई। हाल ही में घोषित भाजपा पदाधिकारियों की सूची में भी उनका नाम शामिल नहीं था। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में पार्टी की ओर से उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं मिली।
20 जुलाई से दोबारा स्कूल पहुंचे
राजनीतिक करियर में ठहराव आने के बाद रेबती त्रिपुरा ने 20 जुलाई को दोबारा शिक्षक के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों के साथ उनका अनुभव अच्छा रहा तो वह शिक्षण कार्य जारी रखेंगे, अन्यथा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नौकरी से उन्हें भविष्य में लगभग 50 हजार रुपये मासिक पेंशन का लाभ मिलेगा।
स्कूल प्रशासन ने किया स्वागत
महात्मा गांधी मेमोरियल स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक टीटू साहा ने बताया कि रेबती त्रिपुरा पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने सहकर्मियों और विद्यार्थियों के साथ अच्छा तालमेल स्थापित कर लिया है और स्कूल परिवार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया है।
