Unique Wedding Card: शादी से ज्यादा चर्चा में आया 25 लाख का निमंत्रण पत्र, 65 देवी-देवताओं की आकृतियों ने बनाया इसको खास

जयपुर में एक पिता ने बेटी की शादी के लिए तीन किलो चांदी से 25 लाख रुपये का अनोखा निमंत्रण कार्ड बनवाया। इसमें 65 देवी-देवताओं की आकृतियां हैं, जो प्रेम और परंपरा की मिसाल है।

Jaipur Unique Silver Wedding Card: आपने अब तक बड़ी और भव्य शादियों की खूब कहानियां सुनी होंगी, लेकिन राजस्थान की राजधानी जयपुर से सामने आया यह मामला कुछ अलग ही है। यहां शादी से ज्यादा चर्चा उसके निमंत्रण कार्ड की हो रही है। वजह भी खास है, क्योंकि यह कार्ड कागज का नहीं, बल्कि चांदी से बना हुआ है। इस अनोखे कार्ड की कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है और इसे तैयार करने में लगभग तीन किलो चांदी का इस्तेमाल हुआ है। यह कार्ड देखने में किसी कलात्मक बक्से जैसा लगता है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है।

एक पिता की अनोखी सोच

जयपुर निवासी शिव जौहरी ने अपनी बेटी श्रुति जौहरी की शादी को हमेशा के लिए यादगार बनाने के लिए यह खास पहल की। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी उनके जीवन का सबसे भावुक पल है और वे चाहते थे कि इसका हर हिस्सा खास हो। इसी सोच के साथ उन्होंने इस अनोखे शादी कार्ड को बनवाने का फैसला किया। इस कार्ड को तैयार करने में करीब एक साल का समय लगा और इसमें पारंपरिक कारीगरी का पूरा ध्यान रखा गया।

कार्ड की खास बनावट और आकार

शिव जौहरी के अनुसार, इस चांदी के निमंत्रण कार्ड का साइज 8×6.5 इंच रखा गया है, जबकि इसकी गहराई करीब 3 इंच है। यह कार्ड पूरी तरह से चांदी से बना है और इसकी डिजाइन किसी कलात्मक धरोहर से कम नहीं लगती। इस कार्ड को कुल 128 अलग-अलग चांदी के टुकड़ों से तैयार किया गया है, जिन्हें बेहद बारीकी से जोड़ा गया है।

बिना कील और पेच के तैयार किया गया कार्ड

इस कार्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाने में न तो किसी कील का इस्तेमाल हुआ है और न ही किसी पेच का। पूरी संरचना पारंपरिक शिल्प तकनीक से जोड़ी गई है। यह राजस्थान की पुरानी और समृद्ध कारीगरी को दर्शाता है।
कारीगरों ने हर हिस्से को हाथ से तराशा है, जिससे इसकी खूबसूरती और भी बढ़ गई है।

65 देवी-देवताओं की आकृतियां

इस चांदी के कार्ड में कुल 65 देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरी गई हैं। इनमें गणेश जी, राम दरबार, शिव-पार्वती, लक्ष्मी-नारायण जैसे कई देवी-देवता शामिल हैं।शिव जौहरी ने बताया कि जैसे भगवान राम और माता सीता के विवाह में राजा जनक ने सभी देवी-देवताओं को आमंत्रित किया था, उसी भावना के साथ उन्होंने इस कार्ड पर सभी देवी-देवताओं की तस्वीरें बनवाकर विवाह का निमंत्रण दिया है।

पिता-बेटी के प्यार की मिसाल

राजस्थान में शादियां सिर्फ रस्म नहीं, बल्कि परंपरा, भावनाओं और सम्मान का उत्सव होती हैं। जयपुर का यह चांदी का निमंत्रण पत्र अब सिर्फ एक शादी का कार्ड नहीं रहा, बल्कि एक पिता और बेटी के अटूट प्रेम की खूबसूरत मिसाल बन गया है।
यह कार्ड लोगों के लिए चर्चा का विषय होने के साथ-साथ राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है।

Exit mobile version