Ghazipur Clash: गाजीपुर के कटारिया गांव में बवाल,युवती की मौत के मामले में गए सपा प्रतिनिधिमंडल पर क्यों ग्रामीणों ने किया पथराव

गाजीपुर के कटारिया गांव में युवती की मौत के मामले पर सपा प्रतिनिधिमंडल और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ। पथराव में कई लोग और पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस जांच में जुटी है और हालात नियंत्रण में हैं।

Ghazipur Clash News: गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव में उस समय माहौल बिगड़ गया, जब एक युवती की मौत के मामले में सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। शुरुआत में बातचीत सामान्य थी, लेकिन थोड़ी ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। इस घटना में कई लोग घायल हो गए।

परिवार से मिलने पहुंचा था दल

जानकारी के अनुसार, सपा का प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, विधायक जैकिशन साहू, विधायक विरेंद्र यादव और पूर्व मंत्री रामाश्रय विश्वकर्मा के नेतृत्व में गांव पहुंचा था। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे। ग्रामीणों ने इतनी भीड़ का विरोध किया और कहा कि केवल प्रतिनिधि ही अंदर जाएं। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।

बात बढ़ी और हुआ पथराव

कहासुनी के बाद मामला अचानक हिंसक हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस दौरान पूर्व मंत्री रामाश्रय विश्वकर्मा समेत कई नेता, कार्यकर्ता और ग्रामीण घायल हो गए। घायलों को तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया।

पुलिस भी आई चपेट में

स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पथराव में कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। मौके पर सीओ सिटी शेखर सेंगर, कोतवाल महेंद्र सिंह और अन्य थानों की पुलिस फोर्स मौजूद रही। पुलिस ने हालात को संभालने की कोशिश की और स्थिति को धीरे-धीरे नियंत्रण में लिया।

युवती की मौत से जुड़ा मामला

बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल को युवती रीता विश्वकर्मा का शव गंगा नदी में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की बात सामने आई थी। हालांकि, परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।

पहले भी हुआ था प्रदर्शन

इस घटना से पहले सपा कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। उन्होंने सरजू पांडेय पार्क से जुलूस निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। वहीं, भाजपा का प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ित परिवार से मिल चुका है और मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

राजनीति और गांव में बढ़ता तनाव

गांव के लोगों का कहना है कि इस मामले को ज्यादा राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, जिससे माहौल खराब हो रहा है। वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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