Family Suicide Case: सामूहिक आत्महत्या तीन की मृत्यु, एक बेटी जूझ रही मौत से, सुसाइड नोट में किस पर लगाए गंभीर आरोप

सूरत के वेसु इलाके में एक परिवार के चार सदस्यों ने कथित रूप से जहर खाया। पति, पत्नी और एक बेटी की मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी का इलाज चल रहा है। सुसाइड नोट में आर्थिक दबाव का जिक्र है।

Surat Vesu family suicide case

Surat Family Suicide Case: गुजरात के सूरत शहर के वेसु इलाके में स्थित Happy Elegance Apartment में बुधवार सुबह एक बेहद दुखद घटना सामने आई। यहां एक ही परिवार के चार लोगों द्वारा सामूहिक आत्महत्या करने की बात सामने आई है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

पुलिस के मुताबिक, पति, पत्नी और उनकी एक नाबालिग बेटी की मौत हो गई है। वहीं दूसरी बेटी को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

जहर खाने की आशंका

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि परिवार ने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। मौके से तीन पन्नों का एक सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस ने उस नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान हुई

मृतक की पहचान बिहार के रहने वाले बालमुकुंद के रूप में हुई है। वह पिछले दो साल से सूरत में रह रहे थे और घर से ही शेयर बाजार का काम करते थे। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में वे आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे।

सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

सुसाइड नोट में आर्थिक परेशानी का जिक्र किया गया है। इसमें वैभव रूंगटा नाम के एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। लिखा गया है कि उसने बालमुकुंद की कार और क्रेडिट कार्ड अपने कब्जे में ले लिया था और कार्ड का गलत इस्तेमाल किया।

पुलिस ने इस आधार पर वैभव रूंगटा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परिवार पर था भारी दबाव

स्थानीय लोगों के मुताबिक, परिवार सामान्य रूप से रहता था और ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था। किसी को अंदाजा नहीं था कि वे इतने तनाव में हैं। अचानक हुई इस घटना ने आसपास के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है।

पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत का सही कारण स्पष्ट हो सके। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि आर्थिक और मानसिक दबाव किस तरह किसी परिवार को अंदर से तोड़ सकता है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में समय रहते मदद और सहारा मिले, ताकि ऐसी दुखद घटनाएं टाली जा सकें।

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