Road Accident: खुशियां बदली मातम में ,सगाई में जा रही स्कूल बस खाई में पलटी, 10 की मौत, कई घायल

बलरामपुर के पास ओरसा बंगलादारा घाटी में ब्रेक फेल होने से स्कूल बस खाई में पलट गई। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। घटना का पूरा विवरण

Balrampur school bus accident

School Bus Tragedy:छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। झारखंड के लोध गांव में एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरी एक स्कूल बस अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 78 यात्री घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलरामपुर के पीपरसोत, महाराजगंज और बुद्धडीह गांवों के कुल 87 ग्रामीण एक स्कूल बस में सवार होकर सगाई कार्यक्रम में जा रहे थे। जैसे ही बस ओरसा बंगलादारा घाटी की ढलान पर पहुंची, अचानक उसका ब्रेक फेल हो गया। बेकाबू बस रोड सेफ्टी गार्ड को तोड़ते हुए एक पेड़ से टकराई और करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी।

रेस्क्यू ऑपरेशन और इलाज

हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी। महुआडांड और सामरी थाना पुलिस के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों से नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।
घायलों का इलाज महुआडांड, रांची, गुमला, अंबिकापुर और बलरामपुर के विभिन्न अस्पतालों में जारी है। इनमें से 19 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है।

तीन गांवों में मातम, आज होगा अंतिम संस्कार

सोमवार देर शाम सभी मृतकों के शव बलरामपुर लाए गए। मंगलवार को तीन गांवों में गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पीपरसोत: 7 शव
महाराजगंज: 2 शव
बुद्धडीह: 1 शव

सरकार ने की सहायता की घोषणा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

खुशी का माहौल बदला मातम में

पीपरसोत निवासी जय चंद नायक की बेटी की सगाई को लेकर पूरे गांव में खुशी का माहौल था। रविवार की छुट्टी होने के कारण स्कूल बस का उपयोग किया गया, लेकिन यह यात्रा कई परिवारों के लिए अंतिम साबित हुई। हादसे ने गांव के कई घरों के चिराग बुझा दिए।

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