Meesho Success Story: IIT से IAS का सपना टूटा, स्टार्टअप भी हुआ फ्लॉप; फिर खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी

आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई करने वाले विदित आत्रे ने पहले आईएएस बनने का सपना देखा, लेकिन UPSC में सफलता नहीं मिली। कॉरपोरेट नौकरी के बाद उन्होंने पहला स्टार्टअप शुरू किया, जो कुछ ही महीनों में बंद हो गया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और संजीव बर्नवाल के साथ Meesho की शुरुआत की, जिसने भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई।

Meesho Success Story: विदित आत्रे ने 2012 में आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने आईटीसी और ई-कॉमर्स कंपनी LimeRoad में काम किया। हालांकि उनके मन में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने की इच्छा थी। कड़ी मेहनत के बावजूद यह सपना पूरा नहीं हो सका।

पहला स्टार्टअप हुआ फ्लॉप

कॉरपोरेट नौकरी के बाद विदित ने अपने आईआईटी के साथी संजीव बर्नवाल के साथ 2015 में Fashnear नाम से हाइपरलोकल फैशन ऐप शुरू किया। इसका उद्देश्य स्थानीय दुकानों के कपड़ों को ऑनलाइन ग्राहकों तक पहुंचाना था। हालांकि बिजनेस मॉडल और दुकानदारों की कम प्रतिक्रिया के कारण यह स्टार्टअप कुछ ही महीनों में बंद हो गया।

Fashnear की नाकामी से निकला Meesho का आइडिया

पहली असफलता के बाद दोनों संस्थापकों ने छोटे शहरों और कस्बों के कारोबार को समझने पर ध्यान दिया। उन्होंने देखा कि कई महिलाएं और छोटे दुकानदार WhatsApp और Facebook के जरिए सामान बेच रहे थे। इसी मॉडल को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए दिसंबर 2015 में Meesho की शुरुआत हुई।

Y Combinator से मिला बड़ा ब्रेक

2016 में Meesho को अमेरिकी स्टार्टअप एक्सीलेटर Y Combinator के कार्यक्रम के लिए चुना गया। इसके बाद SoftBank, Meta, Prosus और Sequoia जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन मिला। कंपनी ने छोटे शहरों और मध्यमवर्गीय ग्राहकों पर खास फोकस किया।

आज ई-कॉमर्स की बड़ी ताकत

Meesho ने छोटे विक्रेताओं और घर से कारोबार शुरू करने वालों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दिया। कंपनी का विस्तार देश के बड़े हिस्से में हो चुका है और इसकी वैल्यूएशन करीब ₹95,000 करोड़ बताई गई है। विदित आत्रे की कहानी बताती है कि असफलता के बाद सही रणनीति और लगातार प्रयास सफलता की नई राह खोल सकते हैं।

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