UPI Payment Charge: UPI पेमेंट पर चार्ज लगाने की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। बर्नस्टीन के अनुमान के मुताबिक, अगर कुछ ज्यादा वैल्यू वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR यानी Merchant Discount Rate लागू किया जाता है, तो पेमेंट इकोसिस्टम के लिए बड़ी कमाई का रास्ता खुल सकता है।हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ₹2,000 से ज्यादा का हर UPI पेमेंट अनिवार्य रूप से चार्जेबल हो जाएगा। MDR की दर और किन ट्रांजैक्शन पर यह लागू होगा, इसका फैसला रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पर निर्भर करेगा।
₹22,000 करोड़ कमाई का अनुमान कैसे आया?
बर्नस्टीन के मुताबिक, अगर UPI की कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू के 50% हिस्से पर 40 बेसिस पॉइंट यानी 0.40% MDR लगाया जाए, तो वित्त वर्ष 2028 तक सालाना करीब ₹22,000 करोड़ का रेवेन्यू पैदा हो सकता है।
इस अनुमान में बैंकों को करीब ₹14,000 करोड़, जबकि पेमेंट ऐप्स को लगभग ₹7,000 करोड़ मिलने की संभावना जताई गई है। हालांकि वास्तविक हिस्सेदारी नियामकीय व्यवस्था और पेमेंट ऐप्स तथा उनके पार्टनर बैंकों के बीच हुए समझौतों पर निर्भर करेगी।
₹5,000 के पेमेंट पर ₹20 का गणित
इसे आसान उदाहरण से समझें। अगर किसी ₹5,000 के मर्चेंट UPI पेमेंट पर 40 बेसिस पॉइंट यानी 0.40% MDR लगाया जाता है, तो शुल्क ₹20 होगा।
यानी ₹5,000 × 0.40% = ₹20।
बड़े पैमाने पर ऐसे ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR लगाने से पेमेंट इंडस्ट्री के लिए हजारों करोड़ रुपये का रेवेन्यू तैयार हो सकता है।
₹2,000 से ज्यादा वाले पेमेंट क्यों अहम हैं?
बर्नस्टीन के अनुमान के अनुसार, ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन कुल वॉल्यूम का करीब 4% हैं, लेकिन UPI की कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी लगभग 70% है।
यही वजह है कि संभावित MDR व्यवस्था में ज्यादा वैल्यू वाले मर्चेंट पेमेंट को कमाई का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। इससे रोजमर्रा के छोटे UPI पेमेंट पर असर कम रखने की कोशिश की जा सकती है।
बैंकों और पेमेंट ऐप्स को कैसे मिलेगा हिस्सा?
बर्नस्टीन के अनुमानित मॉडल में MDR से मिलने वाली राशि का अलग-अलग हिस्सेदारों के बीच बंटवारा हो सकता है। इसमें जारीकर्ता बैंक, एक्वायरिंग बैंक, PSP बैंक, TPAPs और पेमेंट नेटवर्क शामिल हो सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुमान के मुताबिक, कुल कमाई में बैंकों की हिस्सेदारी करीब ₹14,000 करोड़ और पेमेंट ऐप्स की करीब ₹7,000 करोड़ हो सकती है। हालांकि यह केवल अनुमान है और वास्तविक व्यवस्था अलग हो सकती है।
सरकार ने UPI चार्ज पर क्या कहा?
सरकार ने अगस्त में कहा था कि ग्राहक UPI से पेमेंट फ्री में करते रहेंगे और P2P ट्रांजैक्शन पर भी शुल्क नहीं लगेगा। संभावित MDR को कुछ निर्धारित सीमा से ज्यादा वाले चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन तक सीमित रखने की बात सामने आई थी।
वहीं 14 सितंबर के वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन में ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन और RuPay डेबिट कार्ड पेमेंट पर सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से शुल्क लगाने से सुरक्षा दी गई है। हालांकि, इससे ₹2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर अपने आप कोई MDR लागू नहीं हो जाता।

