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इंटीमेट सीन से पहले रोने लगी थीं नायरा बनर्जी, सेट छोड़ने तक की आई नौबत; कास्टिंग काउच पर भी किया खुलासा

टीवी एक्ट्रेस नायरा बनर्जी अपनी एक्टिंग और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, मनोरंजन की दुनिया में उनका सफर हमेशा आसान नहीं रहा। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें ऐसे अनुभवों का सामना करना पड़ा, जिनकी वजह से उन्होंने अपने काम और फिल्मों के चुनाव को लेकर कई अहम फैसले लिए। इंटीमेट सीन को लेकर उनकी असहजता और कास्टिंग काउच से जुड़े अनुभवों ने एक बार फिर फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में कलाकारों की सीमाओं और सहमति को लेकर चर्चा छेड़ दी है।

इंटीमेट सीन को लेकर सहज नहीं थीं नायरा बनर्जी

नायरा बनर्जी ने पहले भी अपने करियर के दौरान बोल्ड और इंटीमेट सीन वाले प्रोजेक्ट्स को लेकर अपनी राय जाहिर की है। उन्होंने बताया था कि एक दौर में फिल्मों में शारीरिक अंतरंगता को काफी अहमियत दी जा रही थी। ऐसे में उन्होंने कुछ भूमिकाओं से दूरी बनाना बेहतर समझा, क्योंकि वह इस तरह के किरदारों के साथ सहज महसूस नहीं करती थीं।

अभिनेत्री के लिए किसी भी किरदार को स्वीकार करने से पहले अपनी सहजता और निजी सीमाओं का ध्यान रखना जरूरी रहा है। यही वजह है कि उन्होंने अपने करियर में ऐसे फैसले लिए, जिनका असर उनके फिल्मी सफर पर भी पड़ा।

बोल्ड फिल्मों से दूरी बनाने का लिया फैसला

नायरा बनर्जी ने जनवरी 2026 में एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि हिंदी फिल्मों में एक ऐसा दौर आया, जब कई प्रोजेक्ट्स में बोल्डनेस और शारीरिक अंतरंगता को काफी महत्व दिया जा रहा था। वह इस तरह की भूमिकाएं नहीं करना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने कुछ समय तक हिंदी फिल्मों से दूरी बनाए रखी।

अभिनेत्री के मुताबिक, वह ऐसे किरदार निभाना चाहती थीं, जिनमें उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले और जिनके लिए उन्हें अपनी निजी सीमाओं से समझौता न करना पड़े। उनके इस फैसले से यह भी साफ होता है कि किसी कलाकार के लिए करियर चुनते समय अपनी पसंद और सहजता कितनी मायने रखती है।

कास्टिंग काउच को लेकर भी बोल चुकी हैं एक्ट्रेस

नायरा बनर्जी ने अपने शुरुआती करियर के अनुभव साझा करते हुए कास्टिंग काउच और अनुचित प्रस्तावों का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया था कि करियर की शुरुआत में उन्हें कुछ ऐसे लोगों का सामना करना पड़ा, जिनका व्यवहार उन्हें पसंद नहीं आया। उन्होंने यह भी कहा था कि कई बार काम दिलाने के नाम पर समझौते का संकेत दिया जाता था।

एक्ट्रेस ने अपने पुराने इंटरव्यू में बताया था कि वह ऐसे प्रस्तावों पर नाराजगी जाहिर करती थीं और अपनी बात स्पष्ट रूप से रखती थीं। उनके मुताबिक, उन्होंने अपने काम पर ध्यान बनाए रखने और अनचाही परिस्थितियों से बचने के लिए सख्त रुख अपनाया।

करियर के शुरुआती दिनों में झेलनी पड़ीं मुश्किलें

मनोरंजन जगत में नए कलाकारों के लिए काम हासिल करना आसान नहीं होता। ऑडिशन, मीटिंग और प्रोजेक्ट की तलाश के दौरान उन्हें कई लोगों से मिलना पड़ता है। ऐसे माहौल में अनुभव की कमी और काम पाने का दबाव कलाकारों को मुश्किल परिस्थितियों में डाल सकता है।

नायरा बनर्जी ने पहले एक इंटरव्यू में अपने शुरुआती फोटोशूट के दौरान अनुचित टिप्पणियों और असहज अनुभवों का जिक्र भी किया था। उन्होंने बताया था कि उस समय उनकी मां उनके साथ रहती थीं और उनका समर्थन करती थीं। अभिनेत्री के अनुभव इस बात की ओर ध्यान दिलाते हैं कि फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में नए कलाकारों के लिए सुरक्षित और पेशेवर माहौल कितना जरूरी है।

इंटीमेट सीन में सहमति और निजी सीमाएं क्यों जरूरी?

फिल्म या टीवी शो में इंटीमेट सीन कहानी का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन ऐसे दृश्यों को फिल्माते समय कलाकार की सहमति और सहजता का सम्मान करना बेहद जरूरी है। किसी सीन के लिए सहमति देने का मतलब यह नहीं है कि कलाकार हर तरह के स्पर्श, कैमरा एंगल या बदलाव के लिए अपने आप सहमत हो गया है।

इंटीमेट सीन की शूटिंग से पहले कलाकार को यह जानकारी होनी चाहिए कि दृश्य में क्या दिखाया जाएगा और उससे क्या अपेक्षा की जा रही है। जरूरत पड़ने पर दृश्य की कोरियोग्राफी, कैमरा एंगल या प्रस्तुति में बदलाव किया जा सकता है। आज फिल्म निर्माण में इंटीमेसी कोऑर्डिनेटर की भूमिका पर भी चर्चा बढ़ रही है, जिनका काम कलाकारों की सीमाओं का सम्मान करते हुए दृश्य को पेशेवर तरीके से फिल्माने में मदद करना है।

टीवी से फिल्मों तक नायरा बनर्जी का सफर

नायरा बनर्जी ने टीवी, फिल्मों और रियलिटी शो के जरिए अपनी पहचान बनाई है। वह ‘दिव्य दृष्टि’ और ‘पिशाचिनी’ जैसे टीवी शोज में नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा वह ‘बिग बॉस 18’ का भी हिस्सा रही थीं।

अभिनेत्री ने अपने करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं और समय-समय पर अपने अनुभवों पर खुलकर बात की है। उनके बयानों से यह भी सामने आया है कि मनोरंजन जगत में आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा के साथ-साथ अपने फैसलों पर कायम रहना भी जरूरी है।

नायरा बनर्जी के अनुभव एक बड़े सवाल की ओर इशारा करते हैं: क्या फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में कलाकारों को अपनी निजी सीमाएं तय करने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त सहयोग मिलता है? किसी भी प्रोजेक्ट में रचनात्मकता के साथ कलाकार की सहमति, सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।

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