भारत के पहले हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत में तैयार की जा रही बुलेट ट्रेन का बॉडी फ्रेम बनकर तैयार हो चुका है। पहला टेस्ट कोच भी तैयार है और इसे अगले साल मई में परीक्षण के लिए पटरी पर उतारने की तैयारी है। यह प्रोजेक्ट के लिए बड़ा पड़ाव माना जा रहा है, क्योंकि भारत अब केवल हाई-स्पीड रेल का इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं बना रहा, बल्कि ट्रेन निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
सूरत से शुरुआत
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई 508 किलोमीटर है। इस पूरे प्रोजेक्ट के पूरी तरह शुरू होने से पहले सूरत और बिलिमोरा के बीच का हिस्सा सबसे पहले चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सेक्शन के 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। इसके चालू होने के साथ भारतीय यात्रियों को पहली बार देश में हाई-स्पीड रेल सेवा का अनुभव मिल सकेगा। परियोजना के दूसरे हिस्सों पर भी गुजरात और महाराष्ट्र में निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
निर्माण कार्य तेज
कॉरिडोर के कई हिस्सों में सिविल कंस्ट्रक्शन का काम तेजी से चल रहा है। प्रोजेक्ट अपडेट के अनुसार, वापी-सूरत सेक्शन का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, ट्रेन का पहला टेस्ट कोच तैयार होने के बाद अब निर्माण के साथ परीक्षण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल सेवा को यात्रियों के लिए तेज, सुरक्षित, आरामदायक और विश्वसनीय परिवहन विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है।
12 स्टेशन होंगे
मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें मुंबई बीकेसी, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं। स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है। साथ ही, अलग-अलग स्टेशनों के डिजाइन में संबंधित शहर और क्षेत्र की स्थानीय पहचान को भी शामिल करने की योजना है। इससे हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को आधुनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।
तीन राज्यों से गुजरेगी
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव के क्षेत्र से होकर गुजरेगा। परियोजना की आधारशिला सितंबर 2017 में रखी गई थी। इसका उद्देश्य मुंबई और अहमदाबाद के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। कॉरिडोर के तैयार होने से दोनों प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही हाई-स्पीड रेल तकनीक, आधुनिक स्टेशन और बेहतर यात्री सुविधाओं का अनुभव भी देश में पहली बार बड़े स्तर पर देखने को मिलेगा।
लॉन्च पर नजर
भारत की पहली हाई-स्पीड रेल सेवा शुरू होने की दिशा में 2027 बेहद अहम साल रहने वाला है। शुरुआती चरण में सूरत-बिलिमोरा सेक्शन को चालू करने की योजना है, जबकि पूरे मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर काम जारी रहेगा। पहला टेस्ट कोच मई 2027 में परीक्षण के लिए उतरता है तो यह भारत के हाई-स्पीड रेल सफर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा। इसके बाद परीक्षण और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के आधार पर सेवा शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
