weather disaster:उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी। आंधी, तेज हवाओं, बारिश और आकाशीय बिजली के कारण पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हो गया। कई जगहों पर पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और फसलों को भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
पूर्वांचल में वज्रपात का कहर
पूर्वांचल में वज्रपात की घटनाओं ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। यहां आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
वाराणसी में दंपति की दर्दनाक मौत
वाराणसी के सिंधोरा क्षेत्र के भदेवली गांव में दर्दनाक घटना सामने आई, जहां पेड़ के नीचे खड़े एक दंपति—59 वर्षीय शिक्षक रमेशचंद्र भारती और उनकी पत्नी 55 वर्षीय चमेला देव.की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। इसके अलावा जाठी गांव और आसपास के क्षेत्रों में कई महिलाएं और एक बच्चा झुलस गए।
कई जिलों में आंधी-बारिश का असर
भदोही जिले में भी आकाशीय बिजली ने कहर बरपाया, जहां 12 वर्षीय बच्चे प्राइस पाल की मौत हो गई। सोनभद्र, गाजीपुर, मऊ, मिर्जापुर, जौनपुर और चंदौली में आंधी के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। आजमगढ़ में तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने से महराजगंज-राजेसुल्तानपुर मार्ग बाधित हो गया। वहीं बलिया के सिकंदरपुर में बिजली के तार पर पेड़ गिरने से कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
बुंदेलखंड में फसलों को भारी नुकसान
बुंदेलखंड क्षेत्र में भी मौसम का कहर देखने को मिला। झांसी, हमीरपुर, महोबा और बांदा में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जबकि उरई में ओलावृष्टि भी हुई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है और फसलों में 30 से 40 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
चित्रकूट और आसपास हादसे, कई मौतें
चित्रकूट में एक दर्दनाक हादसे में चार बच्चे आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए, जिनमें से दो की मौत हो गई जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं। इसी तरह रैपुरा थाना क्षेत्र में एक महिला की मौत हो गई और ललितपुर में एक किशोर की जान चली गई।
प्रशासन अलर्ट, लोगों को सावधानी की सलाह
इस तरह अचानक आए मौसम के इस बदलाव ने पूरे क्षेत्र में भय और नुकसान का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है, जबकि लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

