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Annamalai Political Movement: अन्नामलाई ने भाजपा से अलग राह चुनी , शिक्षा, स्वास्थ्य युवा नेतृत्व के मुद्दों पर बनाया नया मंच

Annamalai New Political Movement: पूर्व भाजपा नेता ने अपनी नई राजनीतिक पहल की शुरुआत कर दी है। उन्होंने ‘वी द लीडर्स फाउंडेशन’ नाम से एक मंच लॉन्च किया है। इस मंच के जरिए उन्होंने लोगों से शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और युवा नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर साथ आने की अपील की है। अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आगे बढ़ने, काम करने और बदलाव लाने का है। उन्होंने लोगों से इस नए आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया।

शुरुआत में ही मिला बड़ा समर्थन

फाउंडेशन की शुरुआत के साथ ही बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन देखने को मिला। बताया गया कि लॉन्च होने के कुछ ही घंटों के भीतर 50 से अधिक जमीनी स्तर के नेता और 8 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता इस पहल से जुड़ गए। इस तेज प्रतिक्रिया ने साफ कर दिया कि अन्नामलाई के समर्थकों में इस नए मंच को लेकर काफी उत्साह है। सोशल मीडिया पर भी इस पहल को लेकर चर्चा तेज हो गई।

क्या है फाउंडेशन की सोच?

फाउंडेशन की वेबसाइट पर जारी जानकारी के अनुसार, यह संगठन जागरूक नेतृत्व, जनभागीदारी और तथ्यों पर आधारित फैसलों में विश्वास रखता है। इसका उद्देश्य समाज और शासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। संगठन का मानना है कि तकनीक और मानवीय नेतृत्व को साथ लेकर ही बेहतर विकास संभव है। इसी सोच के साथ यह मंच लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।

विकास आधारित राजनीति पर जोर

अन्नामलाई ने कहा कि उनका लक्ष्य ऐसी राजनीति को बढ़ावा देना है जो विकास पर केंद्रित हो और स्थानीय संस्कृति एवं मूल्यों से जुड़ी हो। उनका मानना है कि राज्य की राजनीति में नए विचारों और नई कार्यशैली की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में परिवारवाद और विभाजनकारी सोच को खत्म करने के लिए लगातार काम किया जाएगा। उनका उद्देश्य लोगों की भागीदारी बढ़ाकर सकारात्मक बदलाव लाना है।

भाजपा अध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा

अन्नामलाई ने भाजपा से अलग होने का फैसला करते हुए पार्टी नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि राज्य की राजनीतिक दिशा को लेकर उनके विचार पार्टी की वर्तमान सोच से अलग हैं। उन्होंने कहा कि वह पार्टी पर अतिरिक्त दबाव नहीं बनाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अलग रास्ता चुनने का निर्णय लिया। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य तमिलनाडु की राजनीति में नई सोच और नई दिशा लाना है।

क्यों बढ़ी नाराजगी?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा में कुछ फैसलों से अन्नामलाई असहज थे। राज्य भाजपा अध्यक्ष पद से हटने के बाद उनकी नाराजगी बढ़ी। इसके अलावा कुछ राजनीतिक गठबंधनों को लेकर भी उनके मतभेद सामने आए। सूत्रों के अनुसार, पार्टी में अपेक्षित जिम्मेदारियां न मिलना, भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर असमंजस और कुछ अहम वादों के पूरे न होने से भी उनकी निराशा बढ़ी। यही कारण माना जा रहा है कि उन्होंने नई राजनीतिक राह चुनने का फैसला किया।

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