Site icon News1India

Paper Leak Bill: छात्रों को मिला भरोसा, राज्यसभा में कौन बोला पेपर लीक कैंसर जैसी बीमारी, स्थायी इलाज जरूरी,

Paper Leak Bill Debate

Paper Leak Bill: आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को पहली बार उच्च सदन में अपनी बात रखी। पेपर लीक रोकने से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा प्रणाली की समस्या नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने इसे कैंसर जैसी बीमारी बताते हुए कहा कि इसका इलाज केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि मजबूत और स्थायी संस्थागत व्यवस्था से ही संभव है। उनके अनुसार सरकार इस विधेयक के जरिए देश का पहला एंटी पेपर लीक फ्रेमवर्क लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

छात्रों के दर्द का किया जिक्र

राघव चड्ढा ने अपने संबोधन में सबसे पहले NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि छात्रों का गुस्सा और उनकी शिकायतें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली पर उठे सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री ने छात्रों की चिंताओं को केवल सरकार के प्रमुख के रूप में नहीं, बल्कि एक अभिभावक की तरह सुना और उसके बाद जरूरी कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग पर कार्रवाई करते हुए परीक्षा प्रणाली में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।

पूरे परिवार की होती है तैयारी

राज्यसभा सांसद ने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी केवल छात्र नहीं करता, बल्कि पूरा परिवार उसके साथ संघर्ष करता है। उन्होंने बताया कि कई परिवार अपनी जरूरतें कम कर देते हैं, माता-पिता अपनी बचत को कोचिंग, किराए और पढ़ाई पर खर्च करते हैं, जबकि कई लोगों को इसके लिए कर्ज तक लेना पड़ता है। छात्र घर से दूर रहकर लंबे समय तक कठिन मेहनत करते हैं, सामाजिक जीवन और आराम छोड़कर सिर्फ अपने सपनों को पूरा करने में जुटे रहते हैं।

पेपर लीक से टूटता है भरोसा

अपने भाषण में उन्होंने कहा कि जब किसी परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है तो सिर्फ प्रश्नपत्र ही बाहर नहीं आता, बल्कि छात्रों की मेहनत, उम्मीदें, आत्मविश्वास और भविष्य पर भी गहरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं छात्रों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती हैं। राघव चड्ढा ने बताया कि वे स्वयं भी चार्टर्ड अकाउंटेंसी की तैयारी कर चुके हैं, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव और छात्रों की परेशानियों को अच्छी तरह समझते हैं।

सरकार के कदम का किया समर्थन

राघव चड्ढा ने कहा कि जब देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य का सवाल सामने आया तो सरकार ने उनकी आवाज सुनी और उस पर कार्रवाई भी की। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित एंटी पेपर लीक फ्रेमवर्क परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उनके अनुसार इस कानून का उद्देश्य भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना और छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास मजबूत करना है।

Exit mobile version