ECI Honorarium Hike: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने 29 नवंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में जुटे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और अन्य फील्ड अधिकारियों को बड़ी राहत प्रदान की है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही इस गहन मतदाता सूची शुद्धिकरण प्रक्रिया के दौरान BLO पर काम के बढ़ते बोझ और विवादों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। आयोग ने मुख्य रूप से दो बड़े फैसले लिए हैं: मानदेय (सैलरी) में दोगुनी वृद्धि और फॉर्म भरने की अंतिम तिथि में 7 दिनों का विस्तार।
इस फैसले से BLO जैसे जमीनी अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा और मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने का महत्वपूर्ण कार्य और अधिक सुगम होगा, जो देश के लोकतंत्र की नींव माना जाता है। यह वृद्धि 2015 के बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी है।
SIR प्रक्रिया में जुटे फील्ड अधिकारियों के लिए मानदेय दोगुना
ECI SIR प्रक्रिया के दौरान BLO पर बढ़ते दबाव और उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए चुनाव आयोग ने 2015 के बाद पहली बार उनके वार्षिक मानदेय में 100% की वृद्धि की है। आयोग का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया अब अधिक तकनीकी और संवेदनशील हो गई है, और BLO मतदाता सूची की रीढ़ हैं। उनका मनोबल बढ़ाना जरूरी है।
पदनाम | पुराना वार्षिक मानदेय (रुपये) | नया वार्षिक मानदेय (रुपये) | वृद्धि (%) |
बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) | 6,000 | 12,000 | 100% |
BLO सुपरवाइजर | 9,000 | 18,000 | 100% |
असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) | 12,500 | 25,000 | 100% |
इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) | 15,000 | 30,000 | 100% |
यह वृद्धि तत्काल प्रभाव से लागू होगी और इसका उद्देश्य BLO के कार्यभार को कम करना और प्रक्रिया की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
फॉर्म भरने की अंतिम तिथि में 7 दिन का विस्तार
मानदेय में वृद्धि के साथ-साथ, आयोग ने SIR प्रक्रिया के तहत फॉर्म 4 (मतदाता सूची में नाम जोड़ने/बदलने) भरने की अंतिम तिथि को भी बढ़ा दिया है।
पुरानी अंतिम तिथि: 4 दिसंबर 2025
नई अंतिम तिथि: 11 दिसंबर 2025 (7 दिनों की बढ़ोतरी)
इस विस्तार से BLO को फॉर्म संग्रह और सत्यापन के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। इसका सीधा लाभ मतदाताओं को होगा, क्योंकि यह SIR प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाएगा और किसी भी पात्र मतदाता के छूटने की संभावना कम होगी।
SIR प्रक्रिया क्या है और इसका महत्व
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) वह गहन जांच प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को साफ-सुथरा और अद्यतन बनाना है। इसमें मृत, डुप्लिकेट या अवैध नाम हटाना, नए पात्र मतदाताओं को जोड़ना और जन्म स्थान की जांच शामिल है। यह प्रक्रिया बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सफल रही थी, और वर्तमान में यह 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है, जो लगभग 51 करोड़ मतदाताओं को प्रभावित करती है।
इस ECI फैसले से SIR प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी, जिससे आगामी चुनाव अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय होंगे। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने BLO से संपर्क करें या आयोग की वेबसाइट (eci.gov.in) पर अपने नाम की जांच करें और आवश्यक दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट) तैयार रखें।








