Brij Bhushan Sharan Singh Big Statement:कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने हाल ही में एक चैनल के पॉडकास्ट में कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जो अपमान उन्हें सहना पड़ा है, उसका घाव वह जरूर भरेंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह कहां से चुनाव लड़ेंगे, इसका फैसला जनता करेगी। उनकी कोशिश रहेगी कि वह भाजपा से ही चुनाव लड़ें।
पूर्व सांसद ने कहा कि अगर पार्टी उनके बेटे को टिकट देती है, तो वह भी चुनाव लड़ेंगे, लेकिन उनकी निजी इच्छा है कि वह खुद एक बार फिर लोकसभा पहुंचें। उन्होंने कहा कि राजनीति में उनके साथ जो कुछ हुआ, उसे वह कभी नहीं भूल सकते।
अखिलेश यादव को लेकर क्या कहा
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जब वह अपने जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे थे, तब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके खिलाफ एक भी शब्द नहीं कहा। उन्होंने कहा कि यह बात वह जिंदगी भर नहीं भूलेंगे और इसे वह अखिलेश यादव का एहसान मानते हैं।
राम मंदिर उद्घाटन को लेकर दर्द
पूर्व सांसद ने राम मंदिर उद्घाटन को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि और सीनियर नेता होने के बावजूद उन्हें राम मंदिर उद्घाटन का न्योता नहीं मिला। इस बात का उन्हें हमेशा अफसोस रहेगा और जब तक वह जीवित हैं, यह दुख उनके मन में रहेगा। उन्होंने इसे अपने साथ धोखा बताया।
उन्होंने कहा कि जब दूसरी बार न्योता आया, तो उन्होंने खुद हाथ जोड़कर मना कर दिया, क्योंकि वह अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं कर सकते। उनका कहना था कि राम जन्मभूमि आंदोलन में जिन लोगों का कोई योगदान नहीं था, उन्हें बुलाया गया, जबकि असली कारसेवकों को नजरअंदाज कर दिया गया।
हीरो-हीरोइन पर सवाल
पूर्व सांसद ने सवाल उठाया कि राम मंदिर कार्यक्रम में फिल्मी सितारों को बुलाया गया, लेकिन उनका योगदान क्या था। उन्होंने कहा कि क्या मंदिर निर्माण में उनका या विनय कटियार का योगदान उनसे कम था। उन्होंने बताया कि वह अब तक रामलला के दर्शन के लिए नहीं गए हैं। जब जाएंगे, तो एक आम आदमी की तरह लाइन में लगकर दर्शन करेंगे, किसी खास पास या सिफारिश का सहारा नहीं लेंगे।
राहुल गांधी और राजनीति पर राय
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राहुल गांधी उनके निशाने पर नहीं हैं, लेकिन जब वह सेना और सनातन धर्म पर सवाल उठाते हैं, तो एक आम नागरिक के तौर पर उन्हें तकलीफ होती है। उन्होंने कहा कि आज भी लखनऊ में कई विधायक अपने काम निकलवाने के लिए अधिकारियों के पैर छूते नजर आते हैं। कभी सजातीय होने की वजह से, तो कभी उम्र का सम्मान दिखाने के नाम पर ऐसा किया जाता है।
राष्ट्रकथा कार्यक्रम का जिक्र
पूर्व सांसद ने बताया कि राष्ट्रकथा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रण भेजा गया है। सीएम योगी आएंगे या नहीं, यह उनका निजी फैसला है, लेकिन उनका मन कहता है कि योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।









