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New Railway Bridge: दिल्ली को मिलेगा नया रेलवे पुल, होगी ट्रेनों की रफ्तार, समयपालन और संचालन की नई शुरुआत

यमुना पर बना नया रेलवे पुल शुरू होने से पुरानी दिल्ली–गाजियाबाद रूट पर ट्रेनों की रफ्तार और पंक्चुअलिटी सुधरेगी। बाढ़ के समय भी ट्रेन संचालन बाधित नहीं होगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

SYED BUSHRA by SYED BUSHRA
January 1, 2026
in दिल्ली
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New Railway Bridge for Delhi: माना जा रहा है कि नए साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस नए रेलवे पुल का उद्घाटन कर सकते हैं। जैसे ही यह पुल चालू होगा, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से गाजियाबाद की ओर जाने वाली ट्रेनों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी इस रूट पर ट्रेनों की धीमी रफ्तार और बार-बार होने वाली देरी यात्रियों के लिए रोज की परेशानी बनी हुई है।

फिलहाल इस सेक्शन पर रोजाना करीब 150 ट्रेनें यमुना नदी पर बने पुराने लोहे के पुल से होकर गुजरती हैं। पुल की उम्र ज्यादा होने और तकनीकी सीमाओं की वजह से ट्रेनों को कम गति से चलाना पड़ता है। इसका सीधा असर ट्रेनों की पंक्चुअलिटी पर पड़ता है और यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत होती है।

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बरसात में सबसे ज्यादा परेशानी

बारिश और बाढ़ के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। जब यमुना का जलस्तर बढ़ जाता है, तो सुरक्षा के लिहाज से पुराने लोहे के पुल से ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ता है। ऐसे में दिल्ली आने-जाने वाली कई अहम ट्रेनें रद्द या डायवर्ट करनी पड़ती हैं। इससे यात्रियों को भारी असुविधा होती है। नया रेलवे पुल इस समस्या का स्थायी समाधान माना जा रहा है, क्योंकि इसके शुरू होने के बाद बाढ़ के दौरान भी ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी।

कितना पुराना है पुराना पुल

पुरानी दिल्ली और गाजियाबाद के बीच बना लोहे का यह पुल करीब 150 साल पुराना है। इसका निर्माण अंग्रेजों ने साल 1867 में कराया था। उस समय इसकी उम्र सिर्फ 80 साल तय की गई थी, जो 1947 में ही पूरी हो गई थी। इसके बावजूद किसी वैकल्पिक पुल के न होने की वजह से दशकों तक इसी पुल से ट्रेनों का संचालन होता रहा।

28 साल बाद पूरा हुआ सपना

पुराने पुल के समानांतर नए रेलवे पुल की मांग लंबे समय से की जा रही थी। रेलवे ने साल 1997-98 में इसकी योजना बनाई थी और लक्ष्य था कि इसे 2005 तक पूरा कर लिया जाए। लेकिन तकनीकी कारणों, प्रशासनिक अड़चनों और आपत्तियों की वजह से काम बार-बार अटकता रहा। आखिरकार लगभग 28 साल बाद, साल 2025 में यह नया पुल बनकर पूरी तरह तैयार हो पाया है।

कितना लंबा और कितना मजबूत

नया रेलवे पुल 865 मीटर लंबा है और यह डबल लाइन ब्रिज है। इसे आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। यह पुल 25 टन तक के एक्सल लोड को सहन करने में सक्षम है। इसका मतलब है कि भारी मालगाड़ियां और तेज रफ्तार ट्रेनें भी बिना किसी रुकावट के यहां से गुजर सकेंगी।

यात्रियों को क्या फायदा होगा

नया पुल शुरू होने से पुरानी दिल्ली रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और समय पर चलने की स्थिति बेहतर होगी। साथ ही दिल्ली-गाजियाबाद रेल सेक्शन पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। कुल मिलाकर यह पुल लाखों यात्रियों के लिए सफर को आसान, तेज और सुरक्षित बनाने वाला साबित होगा।

Tags: Delhi Railway InfrastructureIndian Railways Project
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