GDA interest rate cut: उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने संपत्ति खरीदारों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब GDA की संपत्तियों—चाहे वे फ्लैट हों या व्यावसायिक भूखंड—पर खरीदारों को भारी-भरकम 10.50% ब्याज की जगह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की प्रचलित होम लोन दरों के अनुसार ब्याज देना होगा। वर्तमान में यह दर लगभग 8.7% के आसपास है, जिसका सीधा अर्थ है कि ब्याज दरों में लगभग 2% की सीधी कटौती हुई है। यह नई व्यवस्था पूरी तरह से ‘फ्लेक्सिबल’ यानी लचीली होगी; यदि भविष्य में SBI अपनी दरों में बदलाव करता है, तो GDA के आवंटियों की किस्तों पर भी इसका तत्काल प्रभाव पड़ेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्राधिकरण की बिना बिकी संपत्तियों को बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाना और मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदने की राह आसान करना है।
बचत का गणित: कैसे होगा सीधा फायदा?
GDA के इस फैसले से आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला बोझ काफी कम हो जाएगा। इसे एक सरल उदाहरण से समझा जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति 50 लाख रुपये की प्रॉपर्टी खरीदता है, तो पुरानी 10.5% की दर से उसे सालाना 5.25 लाख रुपये सिर्फ ब्याज के रूप में देने पड़ते थे। अब 8.7% की अनुमानित दर के साथ, यह राशि घटकर 4.35 लाख रुपये रह जाएगी। यानी एक साल में सीधे 90,000 रुपये की बचत। यदि भुगतान की अवधि 10 वर्ष है, तो खरीदार कुल मिलाकर लगभग 9 लाख रुपये बचा सकेगा।
डिफ़ॉल्ट पेनल्टी में भी राहत
ब्याज दरों के अलावा, GDA ने उन लोगों को भी राहत दी है जो किसी कारणवश समय पर अपनी किस्त नहीं चुका पाते थे। पहले किस्त टूटने पर 3% का अतिरिक्त चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) वसूला जाता था। नई नियमावली के तहत इस पेनल्टी रेट को घटाकर अब 2% कर दिया गया है। इससे उन आवंटियों को मानसिक और आर्थिक शांति मिलेगी जो वित्तीय उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे हैं।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
बाजार के जानकारों का मानना है कि GDA के पास वर्तमान में बड़ी संख्या में फ्लैट और प्लॉट खाली पड़े हैं। प्राइवेट बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों की तुलना में GDA का ब्याज महंगा होने के कारण लोग निवेश करने से कतरा रहे थे। शासन की इस नई नीति से अब प्राधिकरण की संपत्तियां निजी डेवलपर्स के मुकाबले अधिक आकर्षक हो गई हैं।
GDA उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के अनुसार, “शासन की नई नियमावली से जनता को सीधा लाभ मिलेगा। ब्याज दरों को बैंक के बराबर लाने और जुर्माने में कटौती करने से प्रॉपर्टी की बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।” यह बदलाव उन हजारों लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है जो दिल्ली-एनसीआर में अपने आशियाने का सपना देख रहे हैं।







