Kashi residential projects: उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) में अपना घर बनाने का सपना देखने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। शहर के अनियोजित विकास को रोकने और बढ़ती आबादी को व्यवस्थित आवास प्रदान करने के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और आवास विकास परिषद ने पांच बड़ी आवासीय परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। ये परियोजनाएं हरहुआ, पिंडरा, कल्लीपुर, गंजारी और मढ़नी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रस्तावित हैं। लगभग 100 से 800 एकड़ में फैली इन योजनाओं के माध्यम से करीब पांच से आठ हजार लोगों को प्लॉट और फ्लैट की सुविधा मिलने की उम्मीद है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के अनुसार, एक वर्ष के भीतर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिससे काशी में आधुनिक सुविधाओं से लैस व्यवस्थित टाउनशिप का मार्ग प्रशस्त होगा।
परियोजनाओं का विवरण और वर्तमान स्थिति
पिछले 25 वर्षों में किसी बड़ी सरकारी आवासीय योजना के न आने से निजी कॉलोनाइजरों ने Kashi शहर का अनियोजित विस्तार किया था। अब सरकार ने इसे नियंत्रित करने के लिए रणनीतिक कदम उठाए हैं।
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स्पोर्ट्स सिटी (गंजारी): गंजारी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास 150 एकड़ में ‘स्पोर्ट्स सिटी’ विकसित की जाएगी। यहाँ हाईटेक टाउनशिप के साथ-साथ मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा भी होगी।
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काशी द्वार परियोजना (पिंडरा): यह सबसे बड़ी परियोजना है, जो 800 एकड़ में फैली है। इसके लिए 800 से अधिक किसानों ने अपनी सहमति दे दी है और सात गांवों का सर्वे पूरा हो चुका है।
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कल्लीपुर प्रोजेक्ट: वाराणसी-प्रयागराज मार्ग पर स्थित इस प्रोजेक्ट के लिए 100 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। 80% किसानों की सहमति के बाद फरवरी से रजिस्ट्री शुरू होने की संभावना है।
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मढ़नी हाइटेक सिटी: रिंग रोड के पास 150 एकड़ में ‘मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना’ के तहत इसे तैयार किया जा रहा है। लैंड पूलिंग के माध्यम से किसानों को इस विकास का भागीदार बनाया जा रहा है।
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वर्ल्ड सिटी एक्सपो (हरहुआ): आवास विकास परिषद यहाँ 377 एकड़ भूमि पर काम कर रही है। वाजिदपुर और हरहुआ समेत कई गांवों की जमीनों के लिए 16 जनवरी को जनसुनवाई आयोजित की गई है।
इन Kashi परियोजनाओं की सबसे खास बात यह है कि इन्हें लैंड पूलिंग और किसानों की आपसी सहमति से धरातल पर उतारा जा रहा है। फरवरी-मार्च 2026 तक जमीनों की खरीद और रजिस्ट्री की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे काशी के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा।








