Thursday, January 29, 2026
  • Login
News1India
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • बिहार चुनाव 2025
  • विदेश
  • राज्य ▼
    • दिल्ली
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • पंजाब
  • क्राइम
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल
🔍
Home क्राइम

Gun Threat Case: कौन सी अदालत ने कहां, पिस्तौल दिखाने और जान से मारने की नीयत में फर्क

अदालत ने कहा कि केवल पिस्तौल तानना हत्या की कोशिश नहीं है। सागर को IPC 307 से राहत मिली, लेकिन अवैध हथियार रखने पर शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया।

SYED BUSHRA by SYED BUSHRA
January 28, 2026
in क्राइम
491
SHARES
1.4k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

Court Verdict on Gun Threat Case: यह मामला सागर उर्फ रिंकू से जुड़ा है, जिस पर वर्ष 2020 में पुलिस छापेमारी के दौरान एक हेड कांस्टेबल पर पिस्तौल तानने का आरोप लगा था। दिल्ली की एक अदालत में इस केस की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ कर रहे थे। अभियोजन पक्ष का कहना था कि आरोपी ने पुलिस कार्रवाई के दौरान अपनी पिस्तौल निकालकर हेड कांस्टेबल राजेश कुमार की ओर तान दी थी, जिससे उसकी मंशा जान से मारने की थी।

हालांकि, अदालत ने इस पूरे मामले को तथ्यों और सबूतों के आधार पर परखा और यह साफ किया कि केवल पिस्तौल तान देने से किसी को हत्या की कोशिश का दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक कि इसके साथ साफ इरादा और ठोस परिस्थिति साबित न हो।

RELATED POSTS

Delhi High Court का फैसला: छुट्टी (फर्लो) मांगने का अधिकार पूर्ण नहीं,जेल में कैदियों को छुट्टी केवल नियमों के अनुसार मिलेगी

November 8, 2025
Allahabad High Court का बड़ा फैसला,बिना रजिस्ट्रेशन भी मान्य है शादी, तलाक में नहीं होगी दिक्कत

Allahabad High Court का बड़ा फैसला,बिना रजिस्ट्रेशन भी मान्य है शादी, तलाक में नहीं होगी दिक्कत

August 30, 2025

अदालत की अहम टिप्पणी

अदालत ने 23 जनवरी को दिए गए अपने फैसले में कहा कि सिर्फ पिस्तौल तानने की घटना, अपने आप में यह साबित नहीं करती कि आरोपी की नीयत किसी की जान लेने की थी। जज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह भी जरूरी नहीं है कि अगर दूसरे पुलिसकर्मी बीच में न आते, तो आरोपी पिस्तौल का ट्रिगर दबा ही देता।

अदालत के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की मंशा को तय करने के लिए केवल एक हरकत काफी नहीं होती। इसके लिए पूरे हालात, आरोपी का व्यवहार और घटना के समय की स्थिति को देखना जरूरी होता है।

डराने और हत्या की नीयत में अंतर

अभियोजन के मुताबिक, 14 जुलाई 2020 को पुलिस को सूचना मिली थी कि सागर किसी अपराध को अंजाम देने के इरादे से भारतीय विद्या पीठ इलाके के पास मौजूद है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा। उसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पिस्तौल निकाली।

अदालत ने यह भी माना कि यह पूरी तरह संभव है कि आरोपी का इरादा पुलिसकर्मी को गोली मारने का न होकर केवल डराने का रहा हो। कानून की नजर में डराने और जान लेने की कोशिश में बड़ा अंतर है। इसलिए, अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 यानी हत्या के प्रयास के आरोप से आरोपी को बरी कर दिया।

शस्त्र अधिनियम के तहत सजा

हालांकि, अदालत ने आरोपी को पूरी तरह निर्दोष नहीं माना। अवैध रूप से पिस्तौल और कारतूस रखने के मामले में उसे शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया। इसका मतलब यह है कि हथियार रखना तो अपराध है, लेकिन हत्या की कोशिश का आरोप इस मामले में साबित नहीं हो सका।

यह फैसला साफ करता है कि कानून भावनाओं पर नहीं, बल्कि सबूतों और तथ्यों पर चलता है।

Tags: Arms Actcourt verdict
Share196Tweet123Share49
SYED BUSHRA

SYED BUSHRA

Related Posts

Delhi High Court का फैसला: छुट्टी (फर्लो) मांगने का अधिकार पूर्ण नहीं,जेल में कैदियों को छुट्टी केवल नियमों के अनुसार मिलेगी

by Kanan Verma
November 8, 2025

Delhi High Court ने कहा: “छुट्टी (फर्लो) मांगने का अधिकार पूर्ण नहीं, केवल कानूनी  शर्तों के अधीन” दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को यह स्पष्ट...

Allahabad High Court का बड़ा फैसला,बिना रजिस्ट्रेशन भी मान्य है शादी, तलाक में नहीं होगी दिक्कत

Allahabad High Court का बड़ा फैसला,बिना रजिस्ट्रेशन भी मान्य है शादी, तलाक में नहीं होगी दिक्कत

by SYED BUSHRA
August 30, 2025

Allahabad High Court verdict: अगर आपने अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है और अब तलाक लेने में मुश्किल आ...

Uttar Pradesh: इस लेडी IPS पर सिपाहियों ने किया था हमला, अब कोर्ट से 3 दोषी करार; भेजे गए जेल

Uttar Pradesh: इस लेडी IPS पर सिपाहियों ने किया था हमला, अब कोर्ट से 3 दोषी करार; भेजे गए जेल

by Sadaf Farooqui
February 22, 2025

Uttar Pradesh: वर्तमान में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की एडिशनल कमिश्नर पुलिस, कल्पना सक्सेना, पर सितंबर 2010 में बरेली...

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

News1India

Copyright © 2025 New1India

Navigate Site

  • About us
  • Privacy Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • बिहार चुनाव 2025
  • विदेश
  • राज्य
    • दिल्ली
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • पंजाब
  • क्राइम
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल

Copyright © 2025 New1India

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist