GST Notice of Over One Crore in Raebareli:उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रघुवीर गंज बाजार में रहने वाले मोहम्मद शाहिद को जीएसटी विभाग की ओर से 1 करोड़ 25 हजार 297 रुपये का नोटिस मिला है। यह नोटिस डाक के जरिए उनके घर पहुंचा।
शाहिद पेशे से कुम्हार हैं और ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं। जब उन्होंने किसी जानकार से नोटिस पढ़वाया, तो उनके होश उड़ गए। इतनी बड़ी रकम का नोटिस देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवार में अफरा-तफरी मच गई और सभी गहरे सदमे में हैं।
केंद्रीय विभाग से आया नोटिस
यह नोटिस केंद्रीय माल एवं सेवा कर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग, वैशाली प्रभा मंडल, हाजीपुर की ओर से भेजा गया है। शाहिद का कहना है कि उन्होंने कभी कोई बड़ा व्यापार नहीं किया, न ही किसी कंपनी में साझेदारी की। फिर उनके नाम पर इतना बड़ा टैक्स कैसे बन गया, यह समझ से बाहर है। उन्होंने बताया कि करीब बीस साल पहले उनका पैन कार्ड और आधार कार्ड खो गया था। बाद में उन्होंने नए दस्तावेज बनवा लिए। अब उन्हें शक है कि शायद किसी ने उनके पुराने दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया हो।
परिवार सदमे में, मदद की गुहार
नोटिस मिलने के बाद से मोहम्मद शाहिद और उनका परिवार परेशान है। शाहिद का कहना है कि अगर इस समस्या का हल नहीं निकला, तो वह कोई गलत कदम उठा सकते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि वह दवाई खाकर जान दे देंगे। परिवार वालों का कहना है कि वह एक छोटे कारीगर हैं, जिनकी रोज की कमाई से घर चलता है। करोड़ों रुपये का टैक्स देना उनके लिए असंभव है।
दावों पर उठ रहे सवाल
हालांकि शाहिद ने किसी बड़े कारोबार से साफ इनकार किया है, लेकिन उनके दावों पर कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका पैन और आधार करीब 20-22 साल पहले खो गया था। जबकि आधार कार्ड पूरे देश में 2010 के बाद लागू हुआ। ऐसे में आधार के इतने पुराने समय में खोने का दावा शक के घेरे में है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह पहचान की चोरी का मामला है या फिर किसी और तरह की गड़बड़ी। प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
यह मामला दिखाता है कि दस्तावेजों की सुरक्षा कितनी जरूरी है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े संकट का कारण बन सकती है।








