West Asia war impact on India gas: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारत में भी धीरे-धीरे दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने से ऊर्जा और गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। इसका असर अब देश के कई शहरों में महसूस किया जा रहा है।
कुछ जगहों पर व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। वहीं कई शहरों में गैस से चलने वाले शवदाह गृहों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। इससे स्थानीय प्रशासन और लोगों को नई व्यवस्था बनानी पड़ रही है।
होटल और रेस्तरां पर बढ़ी चिंता
गैस सप्लाई में आई इस रुकावट का असर सबसे ज्यादा होटल और रेस्तरां कारोबार पर पड़ रहा है। खासकर बेंगलुरु में हालात ज्यादा चिंताजनक बताए जा रहे हैं। होटल एसोसिएशन के अनुसार, व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अचानक बंद हो गई है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो शहर के कई होटल और रेस्तरां को बंद करना पड़ सकता है।
दिल्ली में भी रेस्तरां से जुड़े संगठनों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा।
सरकार ने दिए एलपीजी कंपनियों को निर्देश
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रालय की ओर से एलपीजी कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि फिलहाल व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग कुछ समय के लिए रोक दी जाए। सरकार का यह फैसला घरेलू एलपीजी की सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है। ताकि आम लोगों के घरों में इस्तेमाल होने वाली गैस की कमी न हो।
औद्योगिक क्षेत्रों में भी परेशानी
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ में भी व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। यह इलाका देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है। सिलेंडरों की कमी के कारण यहां कई उद्योगों और कारोबारियों को उत्पादन जारी रखने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के फील्ड अधिकारी सौरभ बडगुर्जर ने बताया कि कंपनियों को फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर की रिफिलिंग रोकने के निर्देश मिले हैं।
शवदाह गृह भी अस्थायी रूप से बंद
गैस की कमी का असर सार्वजनिक सेवाओं पर भी पड़ा है। पुणे नगर निगम के अनुसार, मंत्रालय के निर्देश के बाद शहर के गैस आधारित शवदाह गृहों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम ईंधन की बचत और सप्लाई को संतुलित रखने के लिए उठाया गया है।
अन्य देशों में भी असर
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल और ईंधन को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने ईंधन बचाने के लिए अलग-अलग कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
बांग्लादेश सरकार ने बिजली और ईंधन बचाने के लिए देशभर के विश्वविद्यालयों को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। शिक्षा मंत्रालय के आदेश के अनुसार विश्वविद्यालयों में छुट्टियां ईद तक जारी रहेंगी।
वहीं पाकिस्तान में भी सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 31 मार्च तक बंद करने का फैसला लिया गया है। साथ ही कई सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था की जा रही है, ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके।

