Haryana police suicide case:हरियाणा के रोहतक जिले के कलानौर में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। डायल 112 पर तैनात 53 वर्षीय ई-एएसआई कुलदीप सिंह ने थाने के बाहर अपनी ही सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना के बाद पूरे थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। साथी पुलिसकर्मी तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
खाना खाने आए थे, अचानक हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि कुलदीप सिंह सोमवार को कलानौर थाने में खाना खाने के लिए आए थे। इसी दौरान वह चुपचाप एक किनारे चले गए और वहीं खुद को गोली मार ली। जैसे ही गोली चलने की आवाज आई, पुलिसकर्मी मौके पर दौड़े और उन्हें तुरंत रोहतक के पीजीआई अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
परिवार में नहीं था कोई तनाव
कुलदीप सिंह मूल रूप से झज्जर जिले के डीघल गांव के रहने वाले थे और पिछले कई सालों से रोहतक के कमला नगर में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। उनके तीन बच्चे हैं,दो बेटियां और एक बेटा।
परिजनों का कहना है कि वह किसी भी तरह के पारिवारिक तनाव में नहीं थे। उनके चचेरे भाई ने बताया कि कुलदीप का स्वभाव सामान्य था और उन्होंने कभी किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया। ऐसे में उनकी खुदकुशी की खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। कलानौर थाने के एसएचओ ने बताया कि आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा रहा है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब हरियाणा में किसी पुलिसकर्मी ने ऐसा कदम उठाया हो। पिछले साल अक्टूबर 2025 में एक आईपीएस अधिकारी ने चंडीगढ़ में आत्महत्या कर ली थी। इसके कुछ दिन बाद रोहतक में ही एक एएसआई ने भी खुद को गोली मार ली थी। इन घटनाओं ने पुलिस विभाग और सरकार दोनों को झकझोर कर रख दिया था।
मानसिक तनाव पर उठते सवाल
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि कहीं पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव और मानसिक तनाव तो ज्यादा नहीं है। अक्सर पुलिस की नौकरी में लंबी ड्यूटी, जिम्मेदारियां और तनाव भरा माहौल होता है, जिसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाए।








