No Cash Rule at Toll: लखनऊ में टोल प्लाजा पर एक नया नियम लोगों के लिए परेशानी बनता दिख रहा है। अब यहां नकद पैसे लेने से साफ मना किया जा रहा है। वाहन चालकों से कहा जा रहा है कि वे सिर्फ क्यूआर कोड या ऑनलाइन तरीके से ही भुगतान करें, तभी उन्हें आगे जाने दिया जाएगा।
ड्राइवर की मुश्किल
ऐसी ही परेशानी का सामना मनोज यादव नाम के एक ड्राइवर को करना पड़ा। वह नई कार लेकर लखनऊ से बछरावां जा रहे थे। मनोज का काम अलग-अलग शोरूम के बीच गाड़ियां पहुंचाना है। जिस गाड़ी को वह चला रहे थे, उसमें फास्टैग नहीं लगा था और उनके खाते में भी पैसे नहीं थे।
कैश देने की कोशिश बेकार
मनोज ने टोल कर्मियों से कहा कि वे जुर्माने सहित नकद पैसे ले लें, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। टोल कर्मियों ने साफ कहा कि अब कैश नहीं लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि ऊपर से ऐसा आदेश मिला है कि सिर्फ ऑनलाइन पेमेंट ही स्वीकार किया जाएगा।
आदेश दिखाने में नाकामी
जब मनोज ने टोल कर्मियों से इस नियम का लिखित आदेश दिखाने को कहा, तो वे कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। वे सिर्फ यह कहते रहे कि उन्हें अपने अधिकारियों के निर्देश मानने हैं। इससे साफ था कि मौके पर कोई आधिकारिक नोटिस या आदेश मौजूद नहीं था।
रायबरेली रोड टोल का हाल
यह मामला रायबरेली रोड स्थित दखिना शेखपुर टोल प्लाजा का है। यहां मनोज की गाड़ी को पीछे कर दिया गया और उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया गया। जब उन्होंने पूछा कि पहले तो कैश लिया जाता था, अब अचानक क्यों बंद कर दिया गया, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
पड़ताल में सामने आई सच्चाई
मामले की जांच के दौरान यह सामने आया कि टोल प्लाजा पर कहीं भी ‘नो कैश’ नियम का कोई आधिकारिक आदेश चस्पा नहीं था। जिम्मेदार अधिकारी भी कोई लिखित आदेश नहीं दिखा सके। हालांकि, सभी लेन पर ‘नो कैश’ के बोर्ड जरूर लगाए गए थे।
ऑनलाइन पेमेंट के बाद मिली राहत
आखिरकार, मनोज ने अपने एक जानने वाले से क्यूआर कोड के जरिए भुगतान करवाया। करीब 20 मिनट की देरी के बाद उन्हें आगे जाने दिया गया। इस दौरान उन्हें काफी परेशानी और तनाव का सामना करना पड़ा।
दूसरे टोल पर भी यही स्थिति
सीतापुर रोड स्थित मामपुर इटौंजा टोल प्लाजा पर भी इसी तरह का हाल देखने को मिला। वहां भी नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। टोल कर्मियों का कहना है कि उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि बिना ऑनलाइन पेमेंट किसी वाहन को आगे न जाने दिया जाए।
चालकों और कर्मियों में बहस
इस नए नियम को लेकर वाहन चालकों और टोल कर्मचारियों के बीच बहस भी हो रही है। कई लोग कैश देना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मजबूरन ऑनलाइन पेमेंट करना पड़ रहा है। इससे लोगों को दिक्कत और देरी दोनों का सामना करना पड़ रहा है।
साफ नियम की जरूरत
कुल मिलाकर, बिना स्पष्ट आदेश के इस तरह का नियम लागू करना लोगों के लिए परेशानी बन रहा है। जरूरी है कि प्रशासन इस पर साफ दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि वाहन चालकों को अनावश्यक दिक्कत न हो।

