आम आदमी पार्टी में चल रहे विवाद के बीच हिंदी के मशहूर कवि कुमार विश्वास का एक पुराना बयान तेजी से वायरल हो रहा है। यह बयान करीब डेढ़ साल पहले एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान दिया गया था। इसमें उन्होंने राघव चड्ढा को लेकर भविष्यवाणी जैसी बात कही थी, जो अब चर्चा का विषय बन गई है।
कुमार विश्वास ने क्या कहा था
इंटरव्यू में कुमार विश्वास ने कहा था कि आम आदमी पार्टी में अगला निशाना एक ऐसा युवा नेता होगा, जिसकी अपनी पहचान कम है लेकिन वह अचानक लोकप्रिय हो गया है। उन्होंने इशारों-इशारों में राघव चड्ढा और उनकी शादी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी और की बढ़ती चमक को बर्दाश्त नहीं किया जाता।
AAP से अलग हो चुके हैं विश्वास
आपको बता दें कि कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं। लेकिन दिल्ली में सरकार बनने के बाद उनके और अरविंद केजरीवाल के बीच मतभेद बढ़ गए। बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी। इसके बाद कई मौकों पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व की आलोचना भी की है।
राघव चड्ढा का जवाब
विवाद बढ़ने के बीच राघव चड्ढा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा जनता से जुड़े मुद्दे संसद में उठाए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या जनता की समस्याओं को उठाना गलत है। उन्होंने टोल प्लाजा, टैक्स, खाने में मिलावट, बैंक चार्ज और टेलीकॉम कंपनियों से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया। चड्ढा ने साफ कहा, “मुझे चुप कराया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं।”
बीजेपी ने भी साधा निशाना
इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी खुद अपने नेताओं से राघव चड्ढा के खिलाफ बयान दिलवा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व आलोचना से डरता है और एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहा है।
AAP का पलटवार
वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी पलटवार करते हुए कहा कि राघव चड्ढा को हटाना एक सामान्य प्रक्रिया है। पार्टी का कहना है कि उन्होंने कई अहम मुद्दों पर बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ खुलकर आवाज नहीं उठाई। इसी वजह से यह फैसला लिया गया।
भगवंत मान का बयान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक फैसला है और इस तरह के बदलाव होते रहते हैं। उन्होंने समझाया कि संसद में नेता और उपनेता बदलना सामान्य प्रक्रिया है। अगर कोई नेता पार्टी के फैसलों के खिलाफ जाता है, तो उस पर कार्रवाई की जाती है।



