Returns Home After 25 Years: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। नहटौर कस्बे के नया बाजार में तीन दिन पहले एक अधेड़ व्यक्ति फटे-पुराने कपड़ों में और बिखरी हालत में घूमता हुआ दिखाई दिया। उसकी हालत देखकर स्थानीय लोगों को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। उस समय किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि यह व्यक्ति पिछले 25 सालों से अपने परिवार से बिछड़ा हुआ है।
पुलिस ने शुरू की पड़ताल
सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने उस व्यक्ति से प्यार से बात की और धीरे-धीरे उसकी जानकारी जुटाने की कोशिश की। बातचीत के दौरान उस व्यक्ति ने टूटी-फूटी भाषा में अपना नाम हंसा सिंह बताया और कहा कि वह पंजाब के कपूरथला जिले के शिवदयाल वाला गांव का रहने वाला है।
तकनीक और समझदारी से मिला सुराग
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गूगल और पंजाबी भाषा जानने वाले लोगों की मदद ली। इसके बाद पंजाब पुलिस से संपर्क किया गया। लगातार कोशिशों के बाद करीब 72 घंटे में हंसा सिंह के परिवार तक खबर पहुंच गई। उसके भाई और गांव के सरपंच तुरंत नहटौर पहुंचे।
पहचान के बाद छलके आंसू
शुरुआत में हंसा सिंह के भाई भी उसे पहचान नहीं पाए, क्योंकि इतने सालों में उसका हुलिया पूरी तरह बदल चुका था। लेकिन जब हंसा ने बचपन की बातें और परिवार के लोगों के नाम बताए, तो सबकी आंखें नम हो गईं। इतने लंबे समय बाद अपनों से मिलकर परिवार भावुक हो उठा।
खुशी के साथ आई उलझन
हंसा सिंह के मिलने की खुशी जितनी बड़ी है, उतनी ही बड़ी एक नई समस्या भी सामने आ गई है। दरअसल, हंसा सिंह शादी के दो साल बाद ही लापता हो गए थे। परिवार ने तीन साल तक उनका इंतजार किया, लेकिन जब कोई खबर नहीं मिली, तो उन्हें मृत मान लिया गया। इसके बाद उनकी पत्नी विमला देवी की शादी हंसा के छोटे भाई सुखा सिंह से कर दी गई।
नई स्थिति ने बढ़ाई परेशानी
पिछले 22 सालों से विमला देवी अपने देवर, जो अब उनके पति हैं, के साथ रह रही हैं। उनके तीन बच्चे हैं और एक बेटी की शादी भी हो चुकी है। ऐसे में अब जब हंसा सिंह वापस लौट आए हैं, तो परिवार के सामने एक अजीब स्थिति खड़ी हो गई है। खुद विमला भी समझ नहीं पा रही हैं कि इस हालात में क्या फैसला लें।
पुलिस की सराहना हो रही
इस पूरे मामले में नहटौर पुलिस की संवेदनशीलता और मेहनत की हर जगह तारीफ हो रही है। जिस व्यक्ति को लोग साधारण भिखारी समझ रहे थे, पुलिस ने उसकी मदद की, उसे साफ-सुथरा किया, नए कपड़े पहनाए और उसकी पहचान तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।
मां की भावुक प्रतिक्रिया
जब हंसा सिंह की बुजुर्ग मां जट्टो कौर ने फोन पर अपने बेटे की आवाज सुनी, तो वह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “अब मेरा बेटा मिल गया है, मैं चैन से जी सकती हूं।” फिलहाल हंसा सिंह अपने परिवार के साथ पंजाब लौट गए हैं।








