UP Electricity Billing Issues Action:उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर सरकार अब पूरी तरह सख्त नजर आ रही है। खासकर ओवरबिलिंग यानी ज्यादा बिजली बिल आने की शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि आम जनता के साथ किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विशेषज्ञ समिति करेगी जांच
ऊर्जा विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ओवरबिलिंग की शिकायतों की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाई जाए। यह टीम जमीनी स्तर पर जाकर सच्चाई पता करेगी और सुधार के सुझाव देगी। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
गलती न हो तो कनेक्शन नहीं कटेगा
सीएम ने एक अहम बात यह भी कही कि अगर किसी उपभोक्ता की गलती नहीं है, तो उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। यह फैसला आम लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि कई बार बिना गलती के भी कनेक्शन काट दिए जाते हैं।
अधिकारियों को फील्ड में उतरने के आदेश
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री और पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खुद फील्ड में जाकर व्यवस्था की जांच करें। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत समझना जरूरी है, तभी सही सुधार हो पाएगा।
हेल्पलाइन को रखना होगा सक्रिय
बैठक में यह भी तय किया गया कि टोल-फ्री नंबर 1912 को पूरी तरह एक्टिव रखा जाए। उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर समाधान करना अनिवार्य होगा, ताकि लोगों को बार-बार परेशानी न झेलनी पड़े।
तेजी से बढ़े बिजली उपभोक्ता
प्रदेश में पिछले कुछ सालों में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। जहां 2017 में यह संख्या करीब 1.65 करोड़ थी, वहीं 2026 तक बढ़कर 3.71 करोड़ से ज्यादा हो गई है। इसके साथ ही बिजली का लोड भी काफी बढ़ा है।
स्मार्ट मीटर पर भी नजर
स्मार्ट मीटर को लेकर भी कई शिकायतें सामने आई हैं। मुख्यमंत्री ने इनकी भी जांच के आदेश दिए हैं। सरकार चाहती है कि बिजली व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बने, ताकि गड़बड़ी की गुंजाइश कम हो।
गांवों तक बिजली पहुंचाने पर जोर
ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन गांवों या मजरों में कम से कम पांच घर हैं, वहां बिजली जरूर पहुंचाई जाए। साथ ही पुराने तार बदलने और नई लाइनें बिछाने का काम भी तेज किया जाए।



