Family Demands Justice: दिल्ली के एक परिवार का पुराना दर्द एक बार फिर सामने आ गया, जब उन्हें पता चला कि उनके बेटे का हत्यारा सजा से बचकर कई सालों से बाहर घूम रहा था। परिवार को इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि आजीवन कारावास की सजा पाने वाला आरोपी सलीम वास्तिक जेल से फरार हो चुका था। शनिवार को पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार किया तो परिवार का दर्द फिर ताजा हो गया।
माता-पिता को नहीं थी खबर
संदीप के माता-पिता आज भी उस दर्दनाक दिन को भूल नहीं पाए हैं। जैसे ही उन्हें पता चला कि उनके बेटे का हत्यारा इतने सालों से फरार था, उनकी आंखें भर आईं। माता-पिता ने कहा कि अब आरोपी को सिर्फ फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि जिसने उनके बेटे को उनसे छीना, उसे जीने का कोई हक नहीं है।
स्कूल से घर नहीं लौटा बेटा
संदीप के पिता सीताराम बंसल ने बताया कि उनका बेटा रामजस स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ता था। उसी स्कूल में सलीम पीटी टीचर था। 20 जनवरी 1995 को संदीप रोज की तरह स्कूल गया था, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटा। परिवार ने पहले अपने स्तर पर उसे ढूंढा, लेकिन जब कहीं पता नहीं चला तो चिंता बढ़ गई।
फिरौती का फोन आया
कुछ देर बाद परिवार को 30 हजार रुपये की फिरौती का फोन आया। फोन करने वालों ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो बच्चे को मार दिया जाएगा। परिवार बेटे को बचाने के लिए पैसों का इंतजाम करने में जुट गया, लेकिन उससे पहले ही सब खत्म हो चुका था।
टीचर ने ही किया धोखा
पिता ने बताया कि संदीप बहुत सीधा बच्चा था। सलीम उसका शिक्षक था, इसलिए उसने बिना किसी शक के उसकी बात मान ली। उसे यह अंदाजा भी नहीं था कि जिस शिक्षक पर वह भरोसा कर रहा है, वही उसकी जान ले लेगा।
नाले से मिला शव
पुलिस ने जांच के दौरान सलीम और उसके साथी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने संदीप की हत्या कर दी है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नाले से बच्चे का शव बरामद किया। उस दिन के बाद से परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल गई।
अब फिर फांसी की मांग
संदीप की मां रेनू ने कहा कि उन्हें लगा था कि आजीवन कारावास से इंसाफ मिल गया। लेकिन अब जब पता चला कि आरोपी फरार होकर बाहर था, तो उनका भरोसा टूट गया। उन्होंने कहा कि अब कोर्ट से एक ही मांग है कि आरोपी को फांसी दी जाए।
भाई आज भी करता है याद
संदीप के बड़े भाई संजय ने कहा कि उसका छोटा भाई अब कभी वापस नहीं आएगा। वह सिर्फ भाई नहीं, बल्कि एक दोस्त भी था। आज भी उसकी याद हर दिन आती है और दिल में वही खालीपन बना हुआ है।

