IPS Controversy: अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान ऑब्जर्वर रहे उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का जो आपत्तिजनक वीडियो सामने आया है, उसने यूपी सरकार और प्रशासन की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है। साथ ही भाजपा के कथित ‘महिला सम्मान’ और ‘नारी वंदन’ के दावे भी महिलाओं के बीच पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं।”
‘भाजपा से जुड़ी महिलाएं भी शर्मिंदा’
उन्होंने आगे कहा, “भाजपा शासन में ऐसे लोग अपवाद नहीं हैं। महिलाओं को अब यह सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि जब उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले ही ऐसे हों, तो वे खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगी। आज भाजपा से जुड़ी हर महिला भी शर्मिंदगी महसूस कर रही है, क्योंकि उनके घरों में भी बेटियां और बहनें हैं।”
कार्रवाई पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “अब देखना यह है कि इस अधिकारी पर निलंबन या बर्खास्तगी की कार्रवाई कितनी जल्दी होती है। यह मामला सीधे मुख्यमंत्री की छवि से जुड़ा है। इस पर जो भी कदम उठाया जाएगा, वही तय करेगा कि मुख्यमंत्री का रुख क्या है।”
‘जीरो टॉलरेंस अधिकारियों पर भी लागू हो’
कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “इतना कुछ सामने आने के बाद मुख्यमंत्री को कार्रवाई करनी ही पड़ेगी। उम्मीद है कि इस ‘खास संरक्षण प्राप्त’ अधिकारी को बचाने के लिए यह नहीं कहा जाएगा कि वीडियो ‘एआई जनरेटेड’ है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “जीरो टॉलरेंस की नीति केवल अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि ऐसे अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होनी चाहिए।”
चुनावी माहौल गरमाया
वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए प्रचार सोमवार को खत्म हो गया। इस दौरान सीमा पार घुसपैठ, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली।



