मथुरा के थाना कोसीकलां के गांव महरौली में एक ग्रामीण के सनसनीखेज आरोपों ने खलबली मचा दी है। आरोप है कि ग्रामीण उसके घर में घुसकर धमका रहे हैं कि या तो अपना धर्म बदलो या फिर गांव को छोड़ दो। आरोप ऐसे हैं कि माहौल गरमा सकता है।


दरअसल, पूरा मामला यह है कि गांव महरौली निवासी तेजराम ने आरोप लगाया है कि 25 जुलाई को गांव के ही ताहिर, तारिफ, आशी, आमिर, इदरीश, गुन्ना, आमिर, अमसर, बब्बू, शब्बीर, सग्गन ने उसके प्लॉट में खडे़ पेड़ों को जबरन काट लिया था। यही नहीं गांव के एक अन्य गोवर्धन के खेतों की मेड़ को तोड़कर अपने खेत में मिला लिया। पीड़ित ने थाने पहुंचकर शिकायत की तो आरोपी नाराज हो गए और 23 जुलाई की शाम आशी, तारिफ, आमिर, इदरीश व बब्बू व अन्य उसके घर में घुस आए। मारपीट करते हुए कहा कि वह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।पड़ोसियों ने बचाने का प्रयास किया तो उन्हें भी धमका दिया।
आरोप है कि हमलावरों ने उससे कहा कि ये हमारा गांव है। हम यहां 90 फीसदी हैं। यहां हमारे तौर तरीकों से रहना पडे़गा। नहीं माने तो जान और जमीन दोनों से हाथ धोना पडे़गा या तो हमारे मजहब में आ जाओ या फिर गांव छोड़कर चले जाओ।
तेजराम का आरोप है कि आए दिन गांव के अन्य लोगों से भी मारपीट और धमकियां दी जाती हैं लेकिन डर के कारण कोई भी शिकायत के लिए आगे नहीं आता। शिकायत को यूपी पुलिस को भी ट्वीट कर मथुरा पुलिस को भी टैग किया गया, जिसके बाद थाना प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार गांव पहुंचे और मामले की जांच की।

पुलिस धर्म परिवर्तन की धमकी जैसे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि तेजराम एवं उसके भाई को प्लॉट दिए गए थे। उनकी पैमाइश को लेकर विवाद है। पूर्व में भी दो बार पैमाइश हो चुकी है। पुन: जांच एवं पैमाइश के लिए राजस्व की एक टीम का गठन किया गया है। जो भूमि विवादों का निपटारा कर रिपोर्ट देगी। जिस तहरीर को लेकर पीड़ित ने ट्वीट किया था और पुलिस ने दूसरी तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज कर ली है आखिर पूरे मामले में क्या सच्चाई है यह तो गंभीर मामला है, पुलिस ने सामान्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे आरोपों को निराधार बताया है।