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Britain: “अल्लाह हू अकबर” चिल्लाते हुए मंदिर पर चढ़े इस्लामिक कट्टरपंथी, हिंदूओं को बनाया बंधक, Video Viral

इस्लामिक कट्टरपंथियों से पूरी दुनिया आतंक फैला रखा है। भारत में ‘सर तन से जुदा’ के नारों देश में आंतक मचा रखा है। जिसके चलते कई बेकसूर हिन्दुओं को अपनी जान गंवानी पड़ी। अब न केवल भारत में बल्कि दूसरे देशों में भी हिन्दुओं पर खतरा बढ़ता जा है। ताजा मामला ब्रिटन से है। जहां मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हिन्दुओं पर हमला शुरू कर दिया है। लीस्टर शहर में 18 सितंबर 2022 को स्थानीय मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हिन्दू मंदिर पर हमला बोल दिया। वहीं पुलिस हमलावरों के सामने दर्शक बनकर देखती रही। कट्टरपंथियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पुलिस पर भी हमला कर दिया।

पुलिस तमाशा देखती रही

मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हिन्दू शिव मंदिर पर हमला बोला और उसपर लगे भगवा झंडे को उखाड़ फेंका। वहीं एक भगवा झंडे में भी आग लगा दी। इस दौरान मंदिर में हिन्दू महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे जिन्हें हमलावरों ने काफी देर तक बंधक बनाकर रखा। अब इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जिसमें पाकिस्तानी मुस्लिमों के साथ  स्थानीय मुस्लिम कट्टरपंथियों के संगठित गिरोह को हिंदुओं के साथ बर्बरता करते हुए देखा जा सकता है। इस घटना के बाद  से ब्रिटेन में कई स्थानों पर तनाव का माहौल है।

वहीं राधारमण नाम के एक व्यक्ति ने वीडियो को साथ ट्वीट  करते हुए लिखा है कि जब हम सब सो रहे थे, बर्मिंघम में मुसलमानों ने एक और हिंदू मंदिर पर हमला किया, “अल्लाह हू अकबर” चिल्लाते हुए मंदिर पर चढ़ गए। उन्होंने पूरे हिंदू पड़ोस को बंधक बना लिया। हिंदुओं को सबक सिखाने के लिए मुसलमानों की इस सभा का खूब प्रचार किया गया, लेकिन यूके पुलिस ने इसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

हम ऐसी घटनाओं को सहन नहीं करेंगे

वहीं लीस्टर पुलिस ने कहा कि “हम ऐसी घटनाओं को सहन नहीं करेंगे”। जिसके बाद पुलिस ने हिंसा में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया है कि एक व्यक्ति को हिंसा फैलाने की साजिश रचने के शक में और दूसरे व्यक्ति को धारदार हथियार रखने का संदिग्ध मानकर गिरफ्तार किया गया है।

आपको बता दें कि मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हिन्दू मंदिर पर हमले के लिए दो झूठ का सहारा लिया। पहला उन्होंने हिन्दुओं पर मस्जिद पर हमले का आरोप लगाया और दूसरा एक फेक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि तीन हिंदू युवकों ने एक मुस्लिम युवती का अपहरण करने की कोशिश की। इसको लेकर लीस्टर शहर में एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था।

भारत पाक के मैच से शुरू हुआ विवाद

यह हिंसा तब शुरू हुई जब 17 सितंबर 2022 को बर्मिंघम में मुस्लिमों ने लीसेस्टर में ‘शांतिपूर्ण विरोध’ का आह्वान किया। उन्होंने एक पोस्टर में जिसमें लिखा था कि “हम लेस्टा में विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। हम हिंदुत्व चरमपंथियों को हमारी मुस्लिम, सिख महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे।”

वहीं लीसेस्टरशायर ब्रह्म समाज शिवालय के ट्रस्टियों की अध्यक्ष मधु शास्त्री ने लीसेस्टरशायर पुलिस को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि झंडा तोड़ने वाले को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि तनाव कम होने तक मंदिर को बंद करना पड़ेगा। लेकिन शास्त्री ने पुलिस से मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की। 

दरअसल यह पूरा विवाद 28 अगस्त से चल रहा है। जब एशिया कप में भारत-पाकिस्तान के बीच मैच हुआ था। बता दें कि इस मैंच में भारत की जीत हुई थी। भारत की जीत और पाकिस्तान की हार से कट्टरपंथियों में काफी गुस्सा था। जिसके बाद इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने हिंदुओं के घरों को निशाना बनाया। इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।

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