सियासत नहीं, अब सैन्य अनुशासन की बारी! लालू परिवार के इस सदस्य ने अचानक क्यों थामी बंदूक?

बिहार की राजनीति में दशकों तक दबदबा रखने वाले लालू प्रसाद यादव के परिवार का एक सदस्य अब बंदूक थामे सैन्य अनुशासन सीखता नजर आएगा। रोहिणी आचार्य के बड़े बेटे आदित्य, जो अपने परिवार के साथ सिंगापुर में रहते हैं, वहां की नेशनल सर्विस (National Service) के तहत सैन्य प्रशिक्षण का हिस्सा बन गए हैं।

Rohini Acharya

Rohini Acharya tweet: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार से एक बड़ी और प्रेरणादायक खबर सामने आ रही है। लालू यादव के बड़े नाती और रोहिणी आचार्य के बेटे आदित्य ने सिंगापुर में दो साल की अनिवार्य ‘बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग’ (BMT) शुरू कर दी है। सिंगापुर के कड़े कानूनों के अनुसार, 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले हर पुरुष नागरिक के लिए सैन्य प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होता है। रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे की वर्दी में तस्वीरें साझा करते हुए इसे गर्व का क्षण बताया। उन्होंने लिखा कि आदित्य बहादुर और अनुशासित हैं और यह कठिन अनुभव उन्हें एक योद्धा के रूप में तैयार करेगा। इस कदम की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हो रही है।

क्या है सिंगापुर की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग (BMT)?

सिंगापुर में सैन्य सेवा केवल एक विकल्प नहीं बल्कि एक कानूनी अनिवार्यता है। आदित्य को अगले दो वर्षों तक कठोर प्रशिक्षण से गुजरना होगा, जिसमें शामिल हैं:

  • शारीरिक फिटनेस: लंबी दौड़, पुश-अप्स और कठिन शारीरिक अभ्यास।

  • युद्ध कौशल: हथियारों का संचालन, फायरिंग अभ्यास और युद्ध की रणनीतियां।

  • सर्वाइवल स्किल्स: विपरीत परिस्थितियों, जैसे जंगल या खुले मैदानों में जीवित रहने की कला।

  • नेतृत्व: टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता का विकास।

रोहिणी आचार्य का भावुक संदेश

अपने बेटे को विदा करते समय Rohini Acharya काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “आज मेरा दिल गर्व से भरा हुआ है। 18 साल की उम्र में प्री-यूनिवर्सिटी की पढ़ाई पूरी करने के बाद आदित्य 2 साल की ट्रेनिंग के लिए गया है। आदित्य, तुम साहसी हो, जाओ और कमाल कर दिखाओ।” उन्होंने आगे कहा कि जीवन की सबसे कठिन लड़ाइयों से ही असली योद्धा तैयार होते हैं।

परिवार के लिए नई शुरुआत

यह खबर ऐसे समय में आई है जब Rohini Acharya ने हाल ही में राजनीति और परिवार से जुड़ी कुछ व्यक्तिगत घोषणाएं की थीं। हालांकि, बेटे की इस उपलब्धि ने पूरे लालू परिवार को गौरवान्वित किया है। सिंगापुर में रहने के बावजूद आदित्य का अपनी जड़ों और वहां के नियमों के प्रति यह समर्पण काबिले तारीफ है।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, आदित्य की योग्यता के आधार पर उन्हें सिंगापुर की इन्फैंट्री, नेवी या एयरफोर्स जैसी यूनिट्स में तैनात किया जा सकता है। यह अनुभव न केवल उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाएगा, बल्कि उनके व्यक्तित्व में सैन्य अनुशासन भी लाएगा।

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