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राघव चड्ढा का केंद्र सरकार पर हमला,

राघव चड्ढा का केंद्र सरकार पर हमला, कहा- जैसे राहुल की सदस्यता छीनी वैसा मेरे साथ भी करना चाहते हैं, लेकिन ये आवाज दबेगी नहीं

सांसदों के फर्जी सिग्नेचर के मामले को लेकर आप के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा ने एक प्रेसवार्ता की है। वहीं इस मौक पर उन्होंने कहा है कि, भाजपा असत्य को सत्य बनाने में लगी हुई है। मेरे खिलाफ भी ऐसा ही झूठा आरोप लगाया जा रहा है। भाजपा वाले लगातार मेरे खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे है। राघव ने आगे कहा कि, रूल बुक के मुताबिक किसी भी सेलेक्ट कमेटी के लिए कोई भी सांसद किसी का भी नाम प्रस्तावित कर सकता है। इसके लिए न हस्ताक्षर चाहिए और न ही किसी की सहमति। राघव ने भाजपा पहैं।र निशाना साधते हुए कहा कि मैं भाजपा को चुनौती देता हूं कि वो उस कागज को लेकर आएं, जिस पर मैंने किसी के हस्ताक्षर किए

वहीं आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक नई परंपरा शुरू कर दी है। जो भी सरकार के खिलाफ बोले उसकी सदस्यता खत्म करो, निलंबित करो, उस पर एफआईआर करो… ऐसे में लोकतंत्र का ड्रामा क्यों किया जा रहा है. देश के दूसरे नंबर के नेता और गृहमंत्री ने कहा फर्जीवाड़ा हो गया.. सिग्नेचर कहा से आ गया. अगर आप कानून जानते हैं तो सेलेक्ट कमेटी में किसी भी सदस्य द्वारा किसी भी सदस्य का नाम प्रस्तावित किया जा सकता है, इसमें किसी के भी हस्ताक्षर की जरूरत नहीं है. संजय सिंह ने कहा, उनका मकसद है कि जैसे राहुल गांधी की सदस्या खत्म की, वैसे राघव चड्ढा की सदस्यता भी खत्म कर दी जाए।लेकिन हम अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हम लोग हर हाल में लड़ना जानते है। इस दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि सत्ता पक्ष का मूल मंत्र है कि एक असत्य को एक हजार बोलों और वह सत्य में तब्दील हो जाए।

जब भी कोई विवादित बिल सदन के भीतर आता आता है. तो समिति गठन की प्रक्रिया तय होती है ताकि बिल में बदलाव और चर्चा हो। इस समिति में कुछ नाम प्रस्तावित किया जाता है और जो इस समिति में शामिल नहीं होना चाहता है, वह इससे अपना नाम हटा लेता है। राघव चड्ढा ने एक उदाहरण देकर बताया कि मान लीजिए मैंने अपने जन्मदिन के लिए दस लोगों को न्योता दिया, उसमें आठ लोग इसे स्वीकार कर लेते हैं। वहीं दो लोग कहते हैं कि इनकी हिम्मत कैसे हुई हमें बुलाने की। इस दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार दुष्प्रचार कर रही है. इन्हें इस बात का दर्द है कि युवा ने संसद में कैसे सवाल पूछा. उन्होंने कहा, कोई भी सांसद नाम प्रस्तावित कर सकता है. फर्जी दस्तखत की अफवाह फैलाई जा रही है. यह पूरी तरह से गलत है. मैंने कोई नियम नहीं तोड़ा है।

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