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Sultanpur: खाकी का एक और नया कारनामा, पुलिस के संरक्षण में पनप रहा था जालसाजी का कारोबार, विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी

खाकी आए दिन अपने नए-नए कारनामों के चलते सुर्खियों में रहती है। ताजा मामला सुल्तानपुर से है। जहां खाकी के सरंक्षण में जालसाजों के एक गिरोह ने विदेश भेजने के नाम पर ठगने का धंधा चला रखा था। जिसकता नतीजा ये है कि ठगी का शिकार व्यक्ति थाने में शिकायत पर शिकायत करता रहता है लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं होती। धम्मौर थाने से जुड़ा एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। जहां विदेश भेजने के नाम पर ठगी का शिकार हुए व्यक्ति ने थाने पर न्याय नहीं मिलने के बाद एसपी से मिलकर शिकायत किया है।

पीड़ित ने लगाया आरोप

बता दें कि ये पूरा मामला धम्मौर थाना क्षेत्र का हैं। जहां भांटी गांव निवासी पीड़ित हफीज खान पुत्र सईद खान लगभग तीन साल पूर्व ठगी का शिकार हुए थे। पीड़ित का आरोप है कि शाहपुर सरकंडेडीह निवासी सफदर खान पुत्र अनेवर खान ने सऊदी अरब भेजने के लिए उनसे एक लाख रूपए और पासपोर्ट लिया था। आरोपी सफदर ने ना तो हफीज को सऊदी अरब भेजा और ना ही पासपोर्ट और पैसे लौटाए।

पुलिस ने पीड़ित को दी जान से मारने की धमकी

पीड़ित कई बार आरोपी के घर गया और बैरंग लौटा। तब उसने थाने का रुख किया लेकिन यहां चक्कर काटने के अलावा उसे कुछ हासिल नहीं हुआ। बीते 22 नवंबर को भी वो फिर से आरोपी सफदर के घर पैसे मांगने पहुंचा तो गाली-गलौज कर उसे जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया गया। तब पीड़ित ने पुलिस अधिक्षक सोमेन वर्मा से मिलकर उन्हें अपनी आप बीती बताई। तो पुलिस अधिक्षक सोमेन वर्मा ने उसे कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

पुलिस ने चली चाल

वहीं पीड़ित ने आईजीआरएस पर भी शिकायत की थी। जिस पर थाने के सिपाही लोकेंद्र कुमार जांच करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने पूरे मामले को जमीन की रजिस्ट्री में हुई लेनदेन का मोड़ देकर जांच रिपोर्ट लगा दी थी। यही नहीं जालसाजी के मामले में ठोस विधिक कार्यवाही करने की बजाए दोनों पक्ष को शांति भंग में चालान कर अपना पल्ला झाड़ लिया था।

साथ ही साथ आपको अवगत करा दें कि मिली जानकारी के अनुसार आरोपी सफदर पर ऐसे कृत्य के कई आरोप पहले भी लग चुके हैं। पूर्व में विधिक कार्यवाही भी उस पर हुई है। लेकिन मौजूदा समय में थाने के दरोगा के संरक्षण से उसके जालसाजी का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। सीडीआर के जरिए पुलिस महकमे से उसके जुड़े तार की पुष्टि भी की जा सकती है।

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