Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home/news1admin/htdocs/news1india.in/wp-content/plugins/jnews-amp/include/class/class-init.php on line 427

Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home/news1admin/htdocs/news1india.in/wp-content/plugins/jnews-amp/include/class/class-init.php on line 428
यूक्रेन में फंसे 249 छात्रों को लेकर दिल्ली पहुंची पांचवी फ्लाइट, अब तक 1100 से ज्यादा छात्रों की वतन वापसी

यूक्रेन में फंसे 249 छात्रों को लेकर दिल्ली पहुंची पांचवी फ्लाइट, अब तक 1100 से ज्यादा छात्रों की वतन वापसी

नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग भयानक होती जा रही है। रूस की ओर से तेज होते हमलों ने अब यूक्रेन के रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। इस बीच यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों का बुरा हाल है। भारत ने अपने नागरिकों को वहां से निकालने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इस बीच खबर है कि 249 भारतीय छात्रों को लेकर पांचवी फ्लाइट भी दिल्ली पहुंच चुकी है। जानकारी के मुताबिक, पांचवी फ्लाइट सोमवार सुबह करीब 6:30 मिनट पर दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुई। यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा के तहत अभी तक 1100 से ज्यादा लोगों को निकाला जा चुका है। इन सभी को रोमानिया के बुखारेस्ट के रास्ते दिल्ली लाया जा रहा है।

26 फरवरी से शुरू हुआ था ऑपरेशन गंगा
रूसी की ओर से तेज हमलों के बाद यूक्रेन में उड़ानें बंद कर दी गई थीं। इस बीच भारत ने अपने लोगों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा अभियान की शुरुआत की। वहां फंसे लोगों को निकालने के लिए रोमानिया का रास्ता चुना गया। 26 फरवरी को इस मिशन के तहत 219 लोगों को लेकर पहली फ्लाइट दिल्ली पहुंची थी। इसके बाद 27 को फरवरी को भी तीन फ्लाइट्स लैंड हुईं।

20 हजार से ज्यादा नागरिक फंसे थे
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के बयान के मुताबिक, छात्रों व अन्य लोगों को मिलाकर करीब 20 हजार से ज्यादा भारतीय यूक्रेन में रहते हैं। भारत ने कहा था कि, सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी हमारा प्रयास है। अभी भी करीब 18 हजार भारतीय यूक्रेन में फंसे हुए हैं। भारतीय दूतावास की ओर से लगातार इन छात्रों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है। शनिवार को एडवाइजरी जारी कर सभी छात्रों को यूक्रेन के पश्चिमी इलाकों में जाने को कहा गया था।

Exit mobile version