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Uttarakhand: 11 जनवरी को मिड डे मील वर्कर्स की जिला स्तरीय रैली, भोजन माताओं ने की 5 हजार मेहनताना दिये जाने की मांग

नई टिहरी। उत्तराखंड के लम्बगांव में भोजन माता कामगार यूनियन की विकास खंड प्रतापनगर इकाई की आम बैठक हुई। यह बैठक इकाई अध्यक्ष विकुला देवी की अध्यक्षता और इकाई सचिव केदारी के संचालन में हुई। इस आम बैठक के दौरान भोजन माताओं के विभिन्न मांगों और सवालों पर चर्चा करते हुए संघर्ष को तेज करने का निर्णय लिया गया। बता दें कि यूनियन के सदस्यों ने केंद्र और राज्य सरकारों पर मिड डे मील वर्कर्स की अनदेखी का आरोप लगाया।

2021 में किए वादे पर अब तक अमल नहीं

दरअसल उनका कहना था कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2009 के बाद से भोजन माताओं के मेहनताना में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की है। वहीं राज्य सरकार ने जुलाई 2021 में 5000 रुपये मानदेय देने का वादा किया था। लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं किया गया है। इस बैठक में 11 जनवरी को नई टिहरी में भोजन माताओं की प्रस्तावित जिला स्तरीय रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने का फैसला लिया।

‘मोदी सरकार की उदारवादी नीतियों से स्कूलों में छात्र संख्या में गिरावट’

वहीं उतराखंड किसान सभा के जिला अध्यक्ष भगवान सिंह राणा ने बैठक के दौरान मिड डे मील वर्कर्स से कहा कि मोदी सरकार की नव उदारवादी नीतियों के परिणामस्वरूप सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या में तेज गिरावट आ रही है। जिसका तात्कालिक खामियाजा भोजन माताओं के रोजगार छिनने में परिलक्षित हो रहा है। इस बैठक में कविता, रूशना देवी, बृजा देवी, हरदेई,प्यार दे़ई, सकला देवी, शीला, जसोदा, गैणा देवी, शोभनी, विमला, देवी, प्रमिला आदि बड़ी संख्या में भोजन माताओं ने भागीदारी की।

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