सूरजपाल ने कहा कि 2 जुलाई की घटना के बाद वह बेहद दुखी हैं और भगवान से प्रार्थना की कि इस दर्द को सहने की शक्ति मिले। उन्होंने लोगों से सरकार और प्रशासन पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। उनका मानना है कि अराजकता फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बाबा ने अपने वकील एपी सिंह के माध्यम से समिति के सदस्यों से अनुरोध किया कि वे शोकाकुल परिवारों और घायलों की मदद करें। हाथरस हादसे में 121 लोगों की मौत हो चुकी है।
सरकार और प्रशासन पर भरोसा रखें, पीड़ितों के साथ खड़े रहें: बाबा सूरजपाल
बाबा सूरजपाल ने कहा कि 2 जुलाई की घटना के बाद से वे और संगत बेहद व्यथित हैं और ईश्वर से प्रार्थना की कि इस दुख की घड़ी से उबरने की शक्ति मिले। उन्होंने सभी से सरकार और प्रशासन पर भरोसा बनाए रखने का आग्रह किया और कहा कि दंगाइयों को बख्शा नहीं जाएगा। बाबा ने समिति के महापुरुषों से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत आत्माओं और घायलों के परिवारों की हरसंभव मदद करें।
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उन्होंने यह भी कहा कि सभी ने इस जिम्मेदारी को स्वीकार किया है और निभा भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि महामंत का साथ नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि वे ही मोक्ष और सद्बुद्धि की कामना करते हैं। पुलिस बाबा सूरजपाल की तलाश कर रही है और संभावना है कि वे जल्द ही गिरफ्तार हो सकते हैं। बाबा का एक बड़ा आश्रम मैनपुरी में है जहाँ भक्तों का आना-जाना लगा रहता है।
हाथरस कांड के मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर
हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ के मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर ने दिल्ली में सरेंडर कर दिया है और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। सत्संग के दौरान मची भगदड़ में मुख्य सेवादार मधुकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी। अब तक इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर गिरफ्तार
हाथरस पुलिस ने बताया कि मधुकर ने शुक्रवार रात दिल्ली में सरेंडर किया। सुप्रीम कोर्ट के वकील एपी सिंह ने कहा कि मधुकर को यूपी पुलिस की विशेष जांच टीम को सौंप दिया गया है। मधुकर सत्संग के लिए प्रशासन से अनुमति लेने और कार्यक्रम के मुख्य आयोजक होने के कारण मुख्य आरोपी है। उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या और मामला अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
हाथरस पुलिस के अनुसार, मधुकर को दिल्ली से आते समय रास्ते में गिरफ्तार किया गया, न कि अस्पताल से। पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ने बताया कि मधुकर की गिरफ्तारी के दौरान उसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम था।