समय सीमा समाप्त
छत्रपति संभाजी नगर में एक रैली में मनोज जरांगे पाटिल ने कहा कि अगर आधी रात तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 20 जुलाई को जालना जिले के अंतरवाली सारती गांव में मराठा आरक्षण के लिए विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण लागू करने की एक महीने की समय सीमा आज समाप्त हो गई है। इसलिए मैं Maharastra सरकार से कहना चाहता हूं कि मराठा समुदाय की 9 मांगों को पूरा करे।
मराठा के रूप में मान्यता की मांग पर अड़े रहें
मनोज जरांगे पाटिल राज्य के कुनबी (किसान) और उनके रक्त संबंधियों को मराठा के रूप में मान्यता देने के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाण पत्र जारी करने पर अड़े हुए हैं। उन्होंने पहले भी इस संबंध में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल की थी। जरांगे ने घोषणा की है कि वे अगले शनिवार को अपने अगले कदम की घोषणा करेंगे।
संघर्ष जितना बडा..
जीत उतनी ही शानदार होगी।
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जरांगे ने सरकार को चुनौती दी
जरांगे ने कहा कि हम मुंबई नहीं आना चाहते और उनके 288 उम्मीदवारों को हराना भी नहीं चाहते। सरकार के लिए यह आखिरी मौका है। मैं चाहता हूं कि राज्य की सत्ता गरीब मराठा समुदाय के हाथों में रहे। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर मराठवाड़ा के मराठा बाहर निकलेंगे तो मुंबई के निवासियों को शहर छोड़ना पड़ सकता है।
मराठा आरक्षणासाठी मराठायोद्धा मनोज जरांगे पाटील यांच्या नेतृत्वाखाली शनिवारी छत्रपती संभाजीनगरात जागृती व शांतता रॅली आयोजित करण्यात आली होती. वसंतराव नाईक चौक – सिडको बसस्टँड ते जालनारोड मार्गे छत्रपती शिवाजी महाराज स्मारक क्रांती चौक येथे हा समारोप होत आहे. pic.twitter.com/E2gC0VtvoG
— Ganesh Wagh (@ganeshwagh4400) July 13, 2024
मनोज जरांगे पाटिल की चेतावनी पर अभी तक महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार की ओर से कोई बयान नहीं आया है। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में सरकार जरांगे की चेतावनी पर क्या कार्रवाई करती है।