Strong Comeback: डार्विन टेस्ट में बांग्लादेश से मिली हार के बाद पैट कमिंस की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी थी। पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने भी टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठाए थे। लेकिन मैके में ऑस्ट्रेलिया ने जबरदस्त पलटवार करते हुए बांग्लादेश को दो दिन भी टिकने नहीं दिया और मुकाबला एकतरफा अंदाज में अपने नाम कर लिया।
बल्लेबाजी हुई फेल
मैके की तेज और उछाल भरी पिच पर बांग्लादेश के बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। टीम अपनी दोनों पारियों में 100 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी। पहली पारी में बांग्लादेश सिर्फ 64 रन पर सिमट गया, जबकि दूसरी पारी में भी उसकी बल्लेबाजी 95 रन पर ढेर हो गई। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया।
गेंदबाजों का दबदबा
ऑस्ट्रेलिया की इस शानदार जीत में तेज गेंदबाजों की भूमिका सबसे अहम रही। खासतौर पर मिचेल स्टार्क ने दोनों टेस्ट मैचों में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 12 विकेट अपने नाम किए। उनकी रफ्तार, उछाल और सटीक लाइन-लेंथ के सामने बांग्लादेशी बल्लेबाज लगातार संघर्ष करते दिखाई दिए। गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में शानदार वापसी की।
सीरीज हुई बराबर
डार्विन टेस्ट में बांग्लादेश ने ऐतिहासिक जीत हासिल कर ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर चौंका दिया था। इसके बाद माना जा रहा था कि मेहमान टीम सीरीज पर कब्जा कर सकती है। लेकिन मैके टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने पूरी तस्वीर बदल दी। एक पारी और 51 रन की जीत के साथ मेजबान टीम ने दो मैचों की सीरीज 1-1 से ड्रॉ करा ली।
बल्लेबाजी पर सवाल
हालांकि सीरीज बराबर कराने के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई टीम की बल्लेबाजी चिंता का विषय बनी हुई है। टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंकतालिका में शीर्ष पर है, लेकिन आने वाले महीनों में उसे कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण अफ्रीका का दौरा, फिर घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और उसके बाद भारत के खिलाफ मुकाबले ऑस्ट्रेलिया की असली परीक्षा होंगे।
