देवदत्त पडिक्कल का क्रिकेट में शानदार सफर, श्रीलंका दौरे पर दमदार प्रदर्शन से बने उभरते सितारे

देवदत्त पडिक्कल ने कम उम्र में क्रिकेट की शुरुआत की और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी मेहनत और बेहतरीन बल्लेबाजी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के उभरते खिलाड़ियों में खास पहचान दिलाई है।

देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका दौरे पर अपनी शानदार बल्लेबाजी से खूब चर्चा बटोरी। गॉल टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने बेहतरीन 211 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी के दौरान बनाए गए 167 रन ने मैच में भारत की स्थिति मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई। भारत ने यह टेस्ट मैच श्रीलंका को 165 रन से हराकर अपने नाम किया।

बचपन से ही क्रिकेट का जुनून

बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल का जन्म 7 जुलाई 2000 को केरल के एडप्पल में हुआ था। उनके पिता को क्रिकेट बहुत पसंद था। उन्होंने बेटे की खेल में दिलचस्पी को जल्दी समझ लिया और उसे क्रिकेट में आगे बढ़ाने का फैसला किया।

देवदत्त का परिवार पहले हैदराबाद और बाद में बेंगलुरु चला गया। उन्होंने केवल 9 साल की उम्र में कर्नाटक इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट में दाखिला लिया। यहां उनके कोच नसीरुद्दीन ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें बेहतर क्रिकेटर बनाने में मदद की।

2017 में मिली बड़ी पहचान

देवदत्त को साल 2017 में कर्नाटक प्रीमियर लीग से पहचान मिलनी शुरू हुई। उन्होंने बेल्लारी टस्कर्स की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद उनका क्रिकेट करियर लगातार आगे बढ़ता गया।

28 नवंबर 2018 को उन्होंने रणजी ट्रॉफी में अपना पहला फर्स्ट क्लास मैच खेला। इसके बाद 2019-20 विजय हजारे ट्रॉफी में उनका बल्ला जमकर चला। उन्होंने 11 मैचों में 609 रन बनाए और इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।

पडिक्कल नाम और परिवार की पृष्ठभूमि

पडिक्कल एक उपनाम है, जो दक्षिण भारत के कई हिस्सों में देखने को मिलता है। खास तौर पर केरल और कर्नाटक में इस नाम के परिवार मिलते हैं। यह उपनाम नायर और ब्राह्मण जैसे कुछ हिंदू समुदायों में भी पाया जाता है। इसके अलावा कुछ सीरियाई ईसाई परिवारों में भी पडिक्कल उपनाम इस्तेमाल किया जाता है।

देवदत्त ने अपनी मेहनत, लगातार अच्छे प्रदर्शन और शांत स्वभाव से क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। कम उम्र में ही उन्होंने घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित किया और अब उनकी बल्लेबाजी पर क्रिकेट प्रेमियों की नजर बनी हुई है।

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