Litton Das New Captain: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने 2026 टी20 विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है, जिसकी कमान अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज लिट्टन दास को सौंपी गई है। हालांकि, यह घोषणा खेल से ज्यादा राजनीतिक तनाव के कारण चर्चा में है। भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट संबंधों में उस समय बड़ी दरार आ गई जब मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने देश में आईपीएल (IPL) के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। यह कड़ा कदम बीसीसीआई द्वारा कोलकाता नाइट राइडर्स से मुस्तफिजुर रहमान को बिना कारण बताए रिलीज करने के निर्देश के बाद उठाया गया है। अब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में अपने विश्व कप मैच खेलने से इनकार कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में सनसनी फैल गई है।
लिट्टन दास का नेतृत्व और टीम संरचना
31 वर्षीय Litton Das, जो 2025 से टी20 टीम के स्थायी कप्तान हैं, इस चुनौतीपूर्ण समय में टीम का नेतृत्व करेंगे। उनके पास वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली हालिया जीत का अनुभव है और वे टीम के सबसे सफल टी20 बल्लेबाज हैं। टीम में मोहम्मद सैफ हसन को उप-कप्तान बनाया गया है, जबकि तंजीद हसन और तौहीद हृदोय जैसे युवा खिलाड़ियों को जगह मिली है। चौंकाने वाली बात यह है कि पूर्व कप्तान नजमुल हुसैन शांतो और जाकर अली को टीम से बाहर रखा गया है, जो चयनकर्ताओं की ‘फॉर्म और स्पष्ट भूमिका’ वाली नीति को दर्शाता है।
मुस्तफिजुर विवाद और कूटनीतिक तनाव
विवाद की जड़ आईपीएल 2026 सीजन से पहले मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर से बाहर करने का बीसीसीआई का कथित निर्देश है। बांग्लादेश सरकार ने इसे ‘राष्ट्रीय सम्मान’ का मुद्दा मानते हुए कड़ा रुख अपनाया है। सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, बीसीसीआई का यह फैसला बिना किसी ठोस कारण के था, जिससे देश की जनता आहत है। इसके परिणामस्वरूप, न केवल आईपीएल के टेलीकास्ट पर रोक लगाई गई है, बल्कि बीसीबी ने आईसीसी (ICC) को पत्र लिखकर अपने मैच भारत से श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की है।
विश्व कप की राह और ग्रुप चुनौतियां
बांग्लादेश को ग्रुप C में इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, नेपाल और इटली के साथ रखा गया है। उनका पहला मुकाबला 7 फरवरी को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ होना है। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए यह अनिश्चित है कि क्या बांग्लादेशी टीम वास्तव में भारतीय सरजमीं पर कदम रखेगी।
Litton Das के लिए यह न केवल एक कप्तान के रूप में परीक्षा है, बल्कि एक ऐसे समय में टीम को एकजुट रखने की चुनौती भी है जब मैदान के बाहर का शोर खेल से कहीं अधिक तेज है। क्या बांग्लादेश इस संकट के बीच इतिहास रच पाएगा, या कूटनीति खेल की भावना पर भारी पड़ेगी?



