Head Coach Offer: पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि 2023 में उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम का हेड कोच बनने का ऑफर मिला था। हालांकि, निजी कारणों के चलते वह यह जिम्मेदारी नहीं संभाल सके। लक्ष्मण ने बताया कि उन्होंने तत्कालीन बीसीसीआई सचिव जय शाह से दो बार मुलाकात की थी। उन्होंने अपनी परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी, जिसे जय शाह और बीसीसीआई ने समझा। इसके बाद लक्ष्मण ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका जारी रखने का फैसला किया।
जिम्मेदारी बढ़ी, प्रतिबद्धता कायम
लक्ष्मण ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अध्यक्ष के तौर पर उनका कार्यकाल अब दो साल के लिए बढ़ा दिया गया है। उन्होंने साफ किया कि वह बीसीसीआई में हेड कोच का पद हासिल करने के उद्देश्य से काम नहीं कर रहे हैं। उनका मुख्य लक्ष्य सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मजबूत आधार देना है। लक्ष्मण चाहते हैं कि उनके कार्यकाल के दौरान यहां एक बेहतर ढांचा तैयार हो और ट्रेनिंग, रिहैबिलिटेशन तथा चोट प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रियाएं व्यवस्थित तरीके से स्थापित की जाएं।
चोट प्रबंधन पर हुई समीक्षा
हाल के समय में खिलाड़ियों की चोटों को लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर सवाल उठे हैं। इसी बीच बीसीसीआई सचिव देवजित सैकिया ने लक्ष्मण से मुलाकात कर रिहैब और चोट प्रबंधन कार्यक्रम की समीक्षा की। इसके बाद दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। इस दौरान बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास समेत बोर्ड के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य फोकस खिलाड़ियों की फिटनेस और चोट से वापसी की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर रहा।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की खासियत
बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन 2024 में तत्कालीन सचिव जय शाह ने किया था। इसने बेंगलुरु स्थित एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पुरानी नेशनल क्रिकेट एकेडमी व्यवस्था की जगह ली। करीब 40 एकड़ में फैले इस केंद्र का उद्देश्य क्रिकेट प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं देना और देश में खेल विज्ञान को आधुनिक बनाना है। यहां तीन मैदान और 86 पिचें हैं, जिनमें इनडोर और आउटडोर दोनों तरह की सुविधाएं शामिल हैं।
लक्ष्मण ने संभाली पुरानी जिम्मेदारी
वीवीएस लक्ष्मण ने 2021 में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने राहुल द्रविड़ की जगह यह पद लिया था। उस समय द्रविड़ भारतीय टीम के हेड कोच बन गए थे। इसके बाद से लक्ष्मण लगातार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े हुए हैं। अपने कार्यकाल में उन्होंने इस केंद्र की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया है। अब कार्यकाल बढ़ने के बाद उनकी प्राथमिकता इसके ढांचे, प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल को और बेहतर तरीके से स्थापित करना है।
