BCCI Pension scheme: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्डों में गिना जाता है। यही वजह है कि बोर्ड अपने मौजूदा खिलाड़ियों के साथ-साथ रिटायर हो चुके क्रिकेटरों का भी खास ख्याल रखता है। बीसीसीआई की पेंशन योजना उन खिलाड़ियों के लिए शुरू की गई थी जिन्होंने भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलकर देश का नाम रोशन किया। इस योजना का उद्देश्य खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ उनके योगदान का सम्मान करना भी है। समय-समय पर बोर्ड ने इस योजना में बदलाव किए हैं, जिससे अधिक खिलाड़ियों को इसका लाभ मिल सके।
सबसे ज्यादा पेंशन किसे मिलती है?
जब बात सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और सौरव गांगुली की आती है तो अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर इन तीनों दिग्गजों में सबसे ज्यादा पेंशन किसे मिलती है। इसका जवाब यह है कि किसी एक को दूसरे से ज्यादा पेंशन नहीं मिलती। तीनों ही पूर्व भारतीय क्रिकेटर बीसीसीआई की सर्वोच्च पेंशन श्रेणी में शामिल हैं और प्रत्येक को हर महीने 70,000 रुपये की पेंशन दी जाती है। यानी सचिन, सहवाग और गांगुली सभी समान राशि प्राप्त करते हैं।
कैसे तय होती है पेंशन की राशि?
बीसीसीआई की पेंशन सभी खिलाड़ियों के लिए एक जैसी नहीं होती। इसकी राशि खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय करियर, खेले गए मैचों और बोर्ड की तय पात्रता के आधार पर निर्धारित की जाती है। अलग-अलग श्रेणियों के खिलाड़ियों को 15 हजार, 30 हजार, 45 हजार, 60 हजार और 70 हजार रुपये तक मासिक पेंशन मिल सकती है। जिन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और तय मानदंड पूरे किए, उन्हें सबसे अधिक पेंशन का लाभ मिलता है।
सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, सम्मान भी
बीसीसीआई की यह योजना केवल पैसों तक सीमित नहीं है। यह उन खिलाड़ियों के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है जिन्होंने अपने करियर के दौरान भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। कई पूर्व क्रिकेटर आज कमेंट्री, कोचिंग, क्रिकेट प्रशासन या सामाजिक कार्यों से जुड़े हुए हैं, जबकि कुछ सार्वजनिक जीवन से दूर हैं। ऐसे में यह पेंशन उनके लिए नियमित आर्थिक सहयोग का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनती है।
तीनों दिग्गजों का भारतीय क्रिकेट में योगदान
सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है और उनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। वीरेंद्र सहवाग अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे और उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो-दो तिहरे शतक लगाए। वहीं सौरव गांगुली ने भारतीय टीम को आक्रामक पहचान दिलाई और कई युवा खिलाड़ियों को मौका देकर टीम इंडिया की मजबूत नींव रखी। तीनों खिलाड़ियों का योगदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास में बेहद अहम माना जाता है।
अगर सवाल यह है कि सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और सौरव गांगुली में सबसे ज्यादा पेंशन किसे मिलती है, तो जवाब है—तीनों को बराबर। बीसीसीआई की मौजूदा पेंशन व्यवस्था के तहत तीनों पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों को हर महीने 70,000 रुपये की पेंशन दी जाती है। यह योजना भारतीय क्रिकेट में उनके अमूल्य योगदान के प्रति बोर्ड के सम्मान और आभार का प्रतीक है।
